तेहरान/वॉशिंगटन , मई 03 -- ईरान ने अमेरिका के सामने एक नया प्रस्ताव पेश किया है जिसमें 30 दिनों के भीतर युद्ध समाप्त करने का आह्वान किया गया है। यह किसी अन्य अल्पकालिक युद्धविराम के बजाय एक व्यापक समझौते की ओर इशारा करता है।
राजनयिक चैनलों के माध्यम से भेजे गये प्रस्ताव का उद्देश्य त्वरित तनाव कम करने को प्राथमिकता देना माना जा रहा है। ईरान वर्तमान गतिरोध को नयी दिशा देने वाली व्यापक शर्तों के साथ-साथ शत्रुता को पूरी तरह समाप्त करने की कोशिश में है।
इस बीच तेल उत्पादकों ने बाजार को स्थिर करने के लिए कदम उठाये हैं। ओपेक ने कहा है कि ओपेक गठबंधन के सात सदस्य देशों सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान ने जून में उत्पादन में 1,88,000 बैरल प्रतिदिन के समायोजन पर सहमति व्यक्त की है।
समूह ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य बाजार में स्थिरता लाना है, क्योंकि संघर्ष के बीच ऊर्जा की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं। उम्मीद है कि सात जून को होने वाली निर्धारित बैठक में मंत्री स्थितियों की फिर से समीक्षा करेंगे।
राजनयिक और आर्थिक घटनाक्रमों के साथ-साथ क्षेत्र में तनाव भी बना हुआ है। सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार मोहसेन रज़ाई ने सप्ताहांत में अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "अमेरिका दुनिया का इकलौता समुद्री डाकू है, जिसके पास विमानवाहक पोत हैं।" उन्होंने आगे कहा कि ईरान के पास ऐसी ताकतों का मुकाबला करने की क्षमता है। पिछले संघर्षों का हवाला देते हुए उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा, "अपने विमानवाहक पोतों और सेनाओं के कब्रिस्तान का सामना करने के लिए तैयार रहें।"ईरान और ओमान के विदेश मंत्री युद्ध समाप्त करने के उपायों पर चर्चा कर रहे हैं, हालांकि इसकी संभावना कम ही दिख रही है कि डोनाल्ड ट्रंप उन्हें स्वीकार करेंगे।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आज बताया कि उन्होंने नवीनतम क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा करने के लिए ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल्बुसैदी से फोन पर बात की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित