मडिकेरी , अप्रैल 05 -- कर्नाटक के कोडागु जिले में ईरान का एक जोड़ा पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण फंस गया है। नवीन कोडागु जिले के मुर्नद का रहने वाला है और उसकी ईरानी पत्नी नाधेर बो जनुर्द में रहती हैं।
उड़ानों और संचार सेवाओं के बाधित होने के कारण दोनों अपने बच्चों से कट गए हैं और वीजा की मियाद खत्म होने से पहले ईरान लौटने की जद्दोजहद में लगे हैं।
यह जोड़ा पिछले साल दिसंबर में कोडागु आया था और जिनकी यात्रा एक सामान्य दौरे के तौर पर शुरू हुई थी। वह अब एक अनिश्चितकालीन इंतजार में बदल गई है क्योंकि बार-बार उड़ानें रद्द होने से उनकी वापसी की योजनाएं पटरी से उतर गई हैं।
इस जोड़े ने शुरू में 16 मार्च के लिए बेंगलुरु से शारजाह होते हुए बोजनुर्द के लिए टिकट बुक किए थे लेकिन क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण यह सेवा रद्द कर दी गई। इसके बाद 15 अप्रैल के लिए की गई बुकिंग भी सफल नहीं हो पाई, जिससे उनके पास ईरान वापस जाने का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं बचा है।
यात्रा में रुकावट के अलावा संचार संबंधी चुनौतियों ने भी स्थिति को और जटिल बना दिया है। जोड़े ने बताया कि ईरान में इंटरनेट बंद होने के कारण वे अपने बच्चों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, जिससे दूर से इस संकट को देखते हुए उनकी चिंता और बढ़ गई है।
यह परिवार ईरान में बागवानी का व्यवसाय करता है, जिसमें वे बादाम, खुबानी, पिस्ता और बेरी का कारोबार करते हैं लेकिन अब यह जोड़ा कोडागु में ही फंसा हुआ है और उन्हें अपनी आजीविका तथा घर पर मौजूद अपने प्रियजनों, दोनों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
मई में उनके वीजा की मियाद खत्म होने वाली है। ऐसे में अगर वे समय रहते वापसी की यात्रा का इंतजाम नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें संभावित कानूनी पचड़ों का सामना करना पड़ सकता है, जिसे लेकर उनकी चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।
उनकी यह दुर्दशा वैश्विक-राजनीतिक तनावों के दूरगामी मानवीय प्रभावों को उजागर करती है, जहां आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। परिवार बिछड़ जाते हैं और लोग अपने घर से दूर फंस जाते हैं।
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