श्रीनगर , मई 30 -- व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल पीके मिश्रा ने शनिवार को कहा कि युद्ध, आतंकवाद विरोधी अभियानों एवं प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सेना देश की "आशा की पहली किरण" बनी हुई है।
वह श्रीनगर स्थित जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर में अग्निवीरों के 7वें बैच के शपथ ग्रहण समारोह और पासिंग आउट परेड को संबोधित कर रहे थे। इस परेड के साथ 538 नए अग्निवीरों द्वारा 24 सप्ताह के कठोर सैन्य प्रशिक्षण का सफल समापन हुआ।
सेना के नगरोटा स्थित व्हाइट नाइट कोर के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मिश्रा ने नए भर्ती हुए सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे भाग्यशाली हैं क्योंकि एक ऐसी सेना का हिस्सा बनने जा रहे हैं जिनकी वीरता, बलिदान एवं देशभक्ति का इतिहास सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना केवल सीमाओं की रक्षा करने वाली शक्ति ही नहीं है बल्कि देश के लोगों के विश्वास एवं सुरक्षा का प्रतीक भी है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेना की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कोर कमांडर ने कहा कि चाहे युद्ध हो, आतंकवाद विरोधी अभियान हो या प्राकृतिक आपदा, देश की पहली आशा की किरण सेना ही है। उन्होंने कहा कि अब से अग्निवीर न केवल अपना पदभार संभालेंगे बल्कि लाखों भारतीयों की आशाओं एवं विश्वास को भी साथ लेकर चलेंगे।
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