देहरादून , मार्च 17 -- उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का अप्रैल माह में शुभारंभ हो रहा है। इस यात्रा वर्ष में पिछले वर्ष की तुलना से कहीं अधिक श्रद्वालुओं के आने की संभावना है। इसके दृष्टिगत श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने श्रद्वालुओं के लिए विभिन्न सुविधाओं की व्यवस्था करने को व्यापक बजट सुनिश्चित किया है। यह जानकारी बीकेटीसी अध्यक्ष हेमन्त द्विवेदी ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में दी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देश में श्री केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कार्य पूरा होने के बाद, अब श्री बदरीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य चल रहे है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के स्तर पर धामों में यात्रा तैयारियां त्वरित गति से चल रही है।
श्री द्विवेदी ने बताया कि बीकेटीसी का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सरल, सुगम दर्शन व्यवस्था करना है। इसके लिए बजट में आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड चारधाम यात्रा के लिए 16 मार्च तक कुल यात्री पंजीकरण 6 लाख 17 हजार 853 हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 06 मार्च से 16 मार्च तक दो सप्ताह में श्री केदारनाथ के लिए 206,622, श्री बदरीनाथ धाम के लिए 182,212, श्री गंगोत्री धाम को 115,763 तथा यमुनोत्री धाम के लिए 113,256 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया है।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान शीतकालीन यात्रा वर्ष 2025- 26 में धामों के कपाट बंद होने के बाद 16 मार्च सोमवार तक कुल 50 हजार श्रद्धालुओं ने शीतकालीन पूजा स्थलों में दर्शन किये। उन्होंने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के शीतकालीन पूजा स्थल श्री योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में शीतकालीन पूजा अर्चना में 20054 श्रद्धालु शामिल हुए। जबकि इसी समयावधि मे भगवान केदारनाथ जी एवं द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर जी की शीतकालीन गद्दी श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 31736 रही। इस तरह 51 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शीतकालीन यात्रा दर्शन किये है।
श्री द्विवेदी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा पूर्व सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाएं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आगामी यात्रा वर्ष 2026-27 में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए चारों धामों की व्यवस्थाएं अधिक सुदृढ़ की जा रही है। उन्होंने बताया कि विगत 10 मार्च को आयोजित बीकेटीसी की बैठक में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक का ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया गया है। जिसे प्रदेश सरकार को भेजा गया है। साथ ही, आगामी यात्रा वर्ष को दृष्टिगत रखते हुए कुल 1210799501 रुपए (एक सौ इक्कीस करोड़ सात लाख निन्यानबे हजार पांच सौ एक रूपये) से अधिक का अनुमानित बजट पारित किया गया।
अध्यक्ष ने बताया कि बैठक में श्री बदरीनाथ धाम के लिए 57 करोड़ 47 लाख 39 हजार 601 (सत्तावन करोड़ सैंतालीस लाख उनतालीस हजार छ: सौ एक रूपये) तथा श्री केदारनाथ धाम के लिए 63 करोड़ 60 लाख 59 हजार 900 (तिरसठ करोड़ साठ लाख उनसठ हजार नौ सौ रुपये) बजट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि धामों में यात्रा पूर्व व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने, ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट केंप में मंदिर समिति शिविर कार्यालय खुलेगा। तीर्थ पुरोहितों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए 'तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष' की स्थापना का भी बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
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