चेन्नई , अप्रैल 20 -- कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह चुनावी लड़ाई भाजपा की बांटने वाली राजनीति का विरोध करने, उसे हराने और पूरे लोकतंत्र को कमज़ोर करने के खिलाफ है।
श्री गांधी ने कन्याकुमारी ज़िले के दक्षिणी छोर पर स्थित कोलाचेल में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा हर राज्य पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है और तमिलनाडु में भी वही हथकंडे अपना रही है ताकि अपने सहयोगी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के ज़रिए दिल्ली से राज्य पर शासन कर सके।
अन्नाद्रमुक ने अपने भ्रष्टाचार की वजह से इस भगवा पार्टी के सामने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसका फ़ायदा उठाकर आरएसएस परोक्ष रूप से राज्य पर शासन करने की कोशिश कर रही है। भारत को एकजुट करने के लिए इसी ज़िले से शुरू की गई अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' को याद करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के सभी राज्यों को समान महत्व मिलना चाहिए और हर भाषा के पीछे एक इतिहास होता है, ठीक वैसे ही जैसे तमिल भाषा का इतिहास हज़ारों साल पुराना है।
श्री गांधी ने यह कहते हुए कि संबंधित राज्यों के लोगों को ही अपने राज्य पर शासन करना चाहिए कहा कि तमिलनाडु पर भी उसके अपने लोगों का ही शासन होना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे भारत के हर राज्य को यह तय करने का अधिकार है, जैसा कि संविधान में स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है।
भाजपा पर संविधान को न मानने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह भगवा पार्टी लोकतंत्र और संघीय सिद्धांतों को पूरी तरह से कमज़ोर करना चाहती है और दिल्ली से शासन करना चाहती है। संघर्ष-ग्रस्त मणिपुर में जारी अशांति का ज़िक्र करते हुए श्री गांधी ने कहा कि कभी शांतिपूर्ण रहा यह राज्य अब गृहयुद्ध की चपेट में है और उन्होंने इस पूर्वोत्तर राज्य की मौजूदा स्थिति के लिए भाजपा को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "उन्होंने वहाँ आग लगा दी है, सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं और मणिपुर में गृहयुद्ध अभी भी जारी है... जहाँ भी उन्हें मौका मिलता है, वे सत्ता पर कब्ज़ा करने और दिल्ली से राज्य चलाने की कोशिश करते हैं।"कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने अन्नाद्रमुक पर कब्ज़ा कर लिया है। इस पार्टी ने राज्य की प्रगति में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी और इसमें ऐसे नेता थे जिन्होंने सचमुच लोगों का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने आरोप लगाया, "लेकिन आज अन्नाद्रमुक एक खोखला जहाज़ बन चुकी है... यह तमिलनाडु में प्रवेश करने के लिए भाजपा का एक ज़रिया बन गयी है। अन्नाद्रमुक का नेतृत्व अपने भ्रष्टाचार के कारण भगवा पार्टी के सामने घुटने टेक चुका है और आरएसएस परोक्ष रूप से राज्य पर शासन करने की कोशिश कर रहा है।"श्री राहुल गांधी कहा, "जिस तरह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नियंत्रित करते हैं, उसी तरह श्री मोदी भी अन्नाद्रमुक के ज़रिए तमिलनाडु को नियंत्रित करना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि सत्ताधारी द्रमुक , कांग्रेस और दूसरी सहयोगी पार्टियां आरएसएस से तमिल भाषा, संस्कृति और इतिहास की रक्षा कर रही हैं। आरएसएस द्रविड़ विचारधारा से नफ़रत करता है, क्योंकि वे अच्छी तरह जानते हैं कि सिर्फ़ तमिल लोग ही उन्हें चुनौती दे सकते हैं।
उन्होंने कहा, "वे जानते हैं कि तमिल के बहादुर लोग ही उनका विरोध करेंगे और उनके आगे कभी नहीं झुकेंगे। इसीलिए वे तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के ज़रिए घुसने की यह नई तरकीब आज़मा रहे हैं।" उन्होंने कहा कि श्री मोदी ने कुछ दिन पहले संसद में एक बहुत ही खतरनाक काम किया था। उन्होंने कहा कि श्री मोदी ने देश से कहा था कि महिला विधेयक पास होना चाहिए, लेकिन असली योजना भारत की चुनावी व्यवस्था को बदलना था। महिला विधेयक के पीछे परिसीमन विधेयक था, जो भारत के चुनावी क्षेत्रों को बदल देगा। वे जो करना चाहते थे, वह यह था कि दक्षिणी, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों में सीटों की संख्या कम कर दी जाए। उनका इरादा देश में सत्ता के संतुलन को बुनियादी तौर पर बदलना और तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों के अलावा उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधित्व को कमज़ोर करना है।
श्री राहुल गांधी ने कहा, "वे जो कर रहे हैं, उसे एक शब्द में कहा जा सकता है... देश-विरोधी काम।" उन्होंने कहा कि यह 'राज्यों के संघ' के खिलाफ़ एक काम है, और इसीलिए विपक्षी पार्टियों ने इसे संसद में रोका और हराया। उन्होंने कहा, "हम ऐसे किसी भी विधेयक को गिराते रहेंगे, जो देश में राज्यों के किसी भी प्रतिनिधित्व को छीनता हो।" उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने बाकी देश को अपना प्रगतिशील नज़रिया दिखाया है, और इसकी राजनीति ऐतिहासिक रूप से सामाजिक न्याय पर आधारित रही है। यहाँ ऐसे नेता हुए हैं, जिन्होंने महत्वपूर्ण योजनाएँ शुरू की हैं, और अब श्री स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रमुक उन योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। श्री स्टालिन की सरकार ने पिछले पाँच सालों में कई योजनाएँ शुरू की हैं, जिनमें स्कूली छात्रों के लिए अपनी तरह की पहली 'मुफ़्त मुख्यमंत्री नाश्ता योजना' और 1.31 करोड़ महिलाओं के लिए हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक मदद शामिल है।
उन्होंने कहा, "हमारा गठबंधन इसी रास्ते पर आगे बढ़ता रहेगा और महिलाओं को दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर 2,000 रुपये कर देगा। इसके अलावा, हम बुज़ुर्गों और दिव्यांगों को भी इसी तरह की नकद आर्थिक मदद देंगे, और पहली बार सम्पत्ति खरीदने वाली महिलाओं के लिए रजिस्ट्रेशन मुफ़्त करेंगे।" उन्होंने विश्वास जताया कि द्रमुक और उसके सहयोगी आरएसएस को हरा देंगे। उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक की योजना है कि राज्य का नियंत्रण श्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंप दी जाये।
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