चंडीगढ़ , जुलाई 30 -- हरियाणा सरकार ने यमुना नदी के पुनर्जीवन के लिए व्यापक कार्य योजना को गति देते हुए 621 एमएलडी क्षमता वाले 18 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), छह मौजूदा एसटीपी के उन्नयन 12 कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी), छह बायोगैस संयंत्र तथा यमुना कॉरिडोर के सभी चिन्हित तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना पर काम तेज कर दिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कार्य योजना की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि 284 एमएलडी क्षमता वाले छह मौजूदा एसटीपी का तकनीकी उन्नयन किया जा रहा है जबकि 621 एमएलडी क्षमता वाले 18 नए एसटीपी लगभग 932.18 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित या निर्माणाधीन हैं। इन परियोजनाओं से यमुना बेसिन में सीवेज उपचार क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।

औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 187.25 एमएलडी क्षमता वाले 12 सीईटीपी स्थापित किए जाएंगे जिनसे यमुना जलग्रहण क्षेत्र के 6,417 उद्योगों को लाभ मिलेगा। बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत और बहादुरगढ़ में प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निविदा, स्वीकृति और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

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