नयी दिल्ली , अक्टूबर 22 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि दिल्ली में छठ पर्व को भव्य रूप से मनाने के लिए यमुना तट पर पल्ला से कालिंदी कुंज के बीच 17 मॉडल छठ घाटों का निर्माण कराया जा रहा है।

श्रीमती गुप्ता ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार ने इस बार यमुना नदी पर छठ पूजा के आयोजन से जुड़े प्रतिबंध को हटा लिया है और साफ-सुथरे, सुरक्षित और आधुनिक छठ घाट तैयार किए जा रहे हैं। सरकार यमुना नदी के किनारे 17 मॉडल छठ घाट बना रही है। इन घाटों पर छठ व्रतियों के लिए हर सुविधा उपलब्ध होगी। टेंट, बिजली, शौचालय, पेयजल और सफाई की पूरी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा दिल्ली के सभी जिलों में कम से कम एक मॉडल छठ घाट तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा , "पिछली सरकारों ने यमुना पर छठ पूजा करने पर रोक लगा दी थी, लेकिन हमारी सरकार ने इस परंपरा को सम्मान देते हुए यह प्रतिबंध हटा लिया है। इस बार सरकार खुद आयोजन की ज़िम्मेदारी संभाल रही है और पूरे दिल्ली में छठ को भव्य तरीके से मनाया जाएगा।"श्रीमती गुप्ता ने कहा कि 2021 में यमुना नदी पर छठ मनाने गए लोगों पर पिछली सरकार में धारा 188 के तहत जो मामले दर्ज किए गए थे, उनकी सरकार उसे वापस लेगी। उन्होंने बताया कि छठ मनाने के लिए इस बार अब तक एक हज़ार से ज्यादा समितियों से आवेदन आ चुके हैं। सरकार की ओर से मैथिली और भोजपुरी में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का प्रबंध किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि छठ पर्व के दौरान श्रद्धालु स्वच्छ जल में अर्घ्य दे सकें इसके लिए आज से विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान में सांसद, विधायक और पार्षद स्वयं अपने-अपने इलाकों के घाटों का दौरा करेंगे और सफाई कार्य की निगरानी करेंगे।

उन्होंने कहा कि दीपावली के अगले दिन का वायु गुणवत्ता सूचकांक अब पहले की तुलना में बेहतर हुआ है। पहले की सरकारों के मुकाबले इस बार प्रदूषण का स्तर घटा है। पटाखों की अनुमति होने के बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार देखा गया है।

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