चंडीगढ़ , मई 28 -- हरियाणा की यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिये हैं। यमुना एक्शन प्लान के तहत जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, ताकि नदी में औद्योगिक प्रदूषण को रोका जा सके।
एचएसपीसीबी के अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह के निर्देशों पर वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में यमुनानगर में एसईई-सह-नोडल अधिकारी नवीन गुलिया की अध्यक्षता में उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मेटल इंडस्ट्री, पेपर मिल, शुगर मिल और स्टार्च उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में उद्योगों के लिए कई अनिवार्य निर्देश जारी किये गये। अब 10 केएलडी से कम अपशिष्ट जल डिस्चार्ज करने वाले उद्योगों को भी ऑनलाइन फ्लो मीटर और पीटीजेड कैमरे लगाने होंगे। इसके अलावा किसी भी उद्योग को बिना उपचारित या आधा उपचारित पानी नालों के माध्यम से यमुना में छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) को पूरी क्षमता के साथ लगातार चलाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही खतरनाक कचरे के वैज्ञानिक भंडारण और सुरक्षित निपटान के निर्देश भी दिये गये हैं।
उद्योग प्रतिनिधियों ने बोर्ड के निर्देशों का पालन करने और यमुना नदी की सुरक्षा में सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैठक में कई उद्योगपति और एसोसिएशन पदाधिकारी मौजूद रहे।
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