यमुनानगर , अक्टूबर 29 -- हरियाणा सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय तथा केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के संयुक्त सहयोग से आज पीएचडी वाणिज्य एवं उद्योग मंडल के हरियाणा प्रकोष्ठ द्वारा यमुनानगर में 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रदर्शन में वृद्धि एवं त्वरण' (रैंप) कार्यक्रम के अंतर्गत एक सम्मेलन का आयोजन किया गया।

रैंप भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य संसाधनों की सुलभता में वृद्धि करना, संस्थागत सहयोग को सुदृढ़ करना, तकनीकी समावेश को प्रोत्साहित करना तथा व्यावसायिक संवर्धन के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की कार्यक्षमता एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि करना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम केंद्र के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार ने उद्यम विकास हेतु संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला तथा उद्यमियों से उपलब्ध योजनाओं एवं संस्थागत सहायता का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया।

औद्योगिक विस्तार अधिकारी रोहित टिंडल ने उद्यमियों को शासकीय सहायता प्रणाली एवं विकास के अवसरों से जोड़ने में जागरूकता कार्यक्रमों के महत्व को रेखांकित किया।

पीएचडीसीसीआई हरियाणा प्रकोष्ठ के सह-अध्यक्ष शिवम सलूजा ने दीर्घकालिक औद्योगिक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने हेतु अंकीय प्रौद्योगिकी को अपनाने, क्षमता संवर्धन एवं व्यावसायिक दक्षता में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।

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