रायसेन (मध्य प्रदेश) , अप्रैल 11 -- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐलान किया है कि राज्य सरकार पूरे वर्ष को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाएगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब सरकारी विभाग अलग-थलग होकर नहीं, बल्कि एक समन्वित 'मिशन मोड' में काम कर रहे हैं।
वह यहां आयोजित 'उन्नत कृषि महोत्सव' 2026 नाम के कृषि मेले के शुभारंभ के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह मंच एक ओर देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों और दूसरी ओर देश की अर्थव्यवस्था को संभालने वाले अन्नदाताओं को एक साथ सम्मान देने वाला है। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि वे जिस भी कार्य को हाथ में लेते हैं, उसे सफलता की ऊंचाइयों तक ले जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि जहाँ कभी भारत को गेहूं का आयात करना पड़ता था, वहीं आज देश खाद्यान्न उत्पादन में दोगुना निर्यात कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आज अकेले रायसेन जिला दुनिया के 47 देशों को बासमती चावल निर्यात कर रहा है। इसके अलावा कांग्रेस के 55 वर्षों के शासन में गेहूं का दाम 100 रुपये के आसपास सीमित था, जो भाजपा सरकार के प्रयासों से अब 2625 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुँच गया है। साथ ही सिंचाई के रकबे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है और किसानों को खेती के लिए दिन में नियमित बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान, महिला, गरीब और युवा- इन चार वर्गों को केंद्र में रखकर विकास की जो व्यापक नीति बनाई है, उसकी जमीनी झलक इस प्रदर्शनी और उन्नत कृषि महोत्सव में स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने ऊपर से प्रदर्शनी परिसर को देखकर इसे नगर बसने जैसा दृश्य बताते हुए कहा कि पशुपालन, बागवानी, उन्नत कृषि यंत्र, विविध सत्रों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का यह विशाल ताना-बाना मानो हनुमान जी के विराट रूप की तरह विस्तार लिए हुए है, जो यह दिखाता है कि किसान किस-किस क्षेत्र में किस-किस प्रकार से काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस मेले में पशुपालन, बागवानी और उन्नत यंत्रों का यह ताना-बाना दिखाता है कि किसान के पास प्रगति के कितने असीमित रास्ते हैं।
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