नयी दिल्ली , अक्टूबर 29 -- लोकसभा सांसद दिलीप सैकिया ने कहा है कि म्यांमार में स्थायी शांति केवल समावेशी राजनीतिक संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की शीघ्र बहाली के माध्यम से ही सुनिश्चित की जा सकती है।

राज्यसभा सचिवालय की ओर से आज बताया गया कि श्री सैकिया ने 80वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में म्यांमार में मानवाधिकार स्थिति पर आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि म्यांंमार में शांति, स्थिरता और लोकतंत्र की बहाली के लिए होने वाले सभी प्रयासों में भारत समर्थन करता रहेगा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्थायी शांति केवल समावेशी राजनीतिक संवाद और विश्वसनीय एवं सहभागी चुनावों के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की शीघ्र बहाली के माध्यम से ही सुनिश्चित की जा सकती है।

उन्होंने म्यांमार में बिगड़ती सुरक्षा और मानवीय स्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत के जन-केंद्रित दृष्टिकोण का उल्लेख किया और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सहायता प्रदान करने के लिए भारत द्वारा शुरू की गई ऑपरेशन ब्रह्मा और ऑपरेशन सद्भाव जैसी मानवीय पहलों का उल्लेख किया।

श्री सैकिया ने भारत के संबंध में रिपोर्ट में की गई निराधार और पक्षपातपूर्ण टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की और अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के निर्दोष नागरिकों के संबंध में विशेष प्रतिवेदक (एसआर) द्वारा अपनाए गए पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण की निंदा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आतंकवादी हमले से म्यांमार के विस्थापितों के प्रभावित होने के आरोप का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। उन्होंने एसआर से आग्रह किया कि वह असत्यापित और पूर्वाग्रही मीडिया रिपोर्टों पर निर्भर न रहें, जिनका एकमात्र उद्देश्य भारत की छवि को धूमिल करना प्रतीत होता है।

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