संगरूर, अप्रैल 08 -- शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज और पूर्व विधायक अरविंद खन्ना ने बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की दुर्दशा पर पंजाब सरकार को आड़े हाथों लिया है।

उन्होंने सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि प्रभावित किसानों को गुमराह करने के बजाय तुरंत 50,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए।

श्री खन्ना ने बुधवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि जो सरकार पिछले साल आई बाढ़ का मुआवजा आज तक नहीं दे पाई, उससे अब राहत की उम्मीद करना बेमानी लगता है। संगरूर के गांव चंगाल और बंगावाली समेत कई गांवों का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनने के बाद श्री खन्ना ने सरकार की तकनीक और मंशा पर गहरा प्रहार किया।

उन्होंने कहा, "जो सैटेलाइट खेतों में जलती हुई पराली को तुरंत देख लेती है और किसानों पर जुर्माना ठोकने का काम करती है, क्या उसी सैटेलाइट को ओलावृष्टि और बारिश से तबाह हुई फसल नजर नहीं आती? सरकार गिरदावरी के केवल खोखले दावे कर रही है।"उन्होंने बताया कि किसान प्रकृति के साथ-साथ सरकारी कुप्रबंधन की दोहरी मार झेल रहा है। बेमौसमी बरसात ने न केवल खेतों में फसल बर्बाद की है, बल्कि मंडियों में भी बदइंतजामी के कारण कटी हुई फसल भीग रही है। उन्होंने आशंका जताई कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए अब 'गेहूं में नमी' का बहाना बनाकर किसानों को परेशान करेगी और खरीद में देरी करेगी।

पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि संकट के समय सरकार किसानों को भगवान भरोसे छोड़कर गायब हो गई है। उन्होंने याद दिलाया कि शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बाढ़ के दौरान किसानों की सीधी आर्थिक मदद की थी। उन्होंने कहा कि अकाली दल का हर कार्यकर्ता और नेता इस मुश्किल घड़ी में किसानों के साथ खड़ा है और पार्टी उनकी हर संभव मदद के लिए योजना बना रही है।

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