नयी दिल्ली , सितंबर 12 -- ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेशकियन से मुलाकात की तथा भारत तथा ईरान के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने का आह्वान किया।

बैठक के दौरान, मौलाना अब्बास ने भारत में शिया समुदाय की ओर से राष्ट्रपति पेज़ेशकियन का स्वागत किया और उनकी यात्रा को दोनों देशों के लोगों के बीच दोस्ती एवं समझ को गहरा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर करार दिया। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति को एक पत्र भी सौंपा, जिसमें भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया और ईरान पर हुए हमलों की निंदा की गई।

मौलाना अब्बास ने कहा कि भारत और ईरान दो प्राचीन सभ्यताएं हैं जिनके बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, बौद्धिक, आध्यात्मिक एवं व्यापारिक संबंध हैं। उन्होंने शिक्षा, व्यापार, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक, संपर्क एवं ऊर्जा के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाने की बात की।

उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रपति पेज़ेशकियन के नेतृत्व में भारत-ईरान संबंध एक नए और मज़बूत दौर में प्रवेश करेंगे। इस बीच, शिया धर्मगुरु ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की और दुश्मनी को तुरंत कम करने की अपील की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मौजूदा संघर्ष जल्द ही खत्म हो जाएगा और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता लौटेगी।

मौलाना अब्बास ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की कथित शहादत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने मिनाब के स्कूल पर हुए हमले में मासूम बच्चों, शिक्षकों एवं नागरिकों की हत्या की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चों की हत्या एक ऐसी त्रासदी है जिसने मानवता की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है।

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