चंडीगढ़ , सितंबर 03 -- शिरोमणि अकाली दल (पुनरुत्थान) के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने गुरुवार को कहा कि देश का पेट भरने वाले किसानों को आज अपनी जायज मांगों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने प्रेस बयान में कहा कि सरकार किसानों की मांगों को स्वीकार करने के बजाय उनसे बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास भी नहीं कर रही है। सरकारों को याद रखना चाहिए कि सड़कों के किनारे ट्रॉलियों पर बसे ये "गांव" अंततः उनके सत्ता से बाहर होने का कारण बन सकते हैं।जिन लोगों को सरकार अपना विरोधी समझ रही है और जो केवल अपने अधिकार मांग रहे हैं, वही लोग अंततः मतदान कर सरकार चुनते हैं। सरकार को किसानों और कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय उनके साथ संवाद करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले छह लाख से अधिक कर्मचारियों को उनका बकाया भुगतान करने के बजाय सरकार ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया। उन्होंने कहा कि अयोग्य नेतृत्व किसानों और कर्मचारियों के अधिकारों को नकारकर सरकार कैसे चलाने की उम्मीद कर सकता है।
उन्होंने किसान और कर्मचारी संगठनों के संघर्ष के प्रति पूर्ण एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि शिरोमणि अकाली दल (पुनरुत्थान) उनके संघर्ष का सक्रिय रूप से समर्थन करता रहेगा।
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