चंडीगढ़/ एसएएस नगर , अक्टूबर 13 -- पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मंगलवार को एसएएस नगर (मोहाली) स्थित कालकट भवन में राज्य की तीसरी जैव उर्वरक परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया।

इसके साथ ही राज्य में 4.50 करोड़ रुपये की लागत से तीन प्रयोगशालाओं का नेटवर्क पूरा हो गया है। इससे पहले गुरदासपुर और बठिंडा में ऐसी प्रयोगशालाएं स्थापित की गई थीं।

श्री खुड्डियां ने कहा कि इन प्रयोगशालाओं से किसानों को प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण जैव उर्वरक उपलब्ध कराने, नकली उत्पादों पर रोक लगाने तथा रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाएं उर्वरक नियंत्रण आदेश को सख्ती से लागू करने, निर्माताओं और विक्रेताओं की निगरानी करने तथा पंजाब की कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल जैव उर्वरकों के विकास के लिए जरूरी आंकड़े जुटाने में भी सहायक होंगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि पंजाब देश के कुल गेहूं और धान उत्पादन में 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। ऐसे में मिट्टी की सेहत और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 तक पंजाब में लगभग 30,000 एकड़ क्षेत्र प्रमाणित जैविक खेती के अधीन आ चुका है।

श्री खुड्डियां के अनुसार, पंजाब में जैव उर्वरकों की सालाना खपत लगभग 15,000 से 16,000 टन/किलोलीटर है और इसमें वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि खेती में इनके बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक है। मोहाली, गुरदासपुर और बठिंडा की प्रयोगशालाएं प्रमाणित उत्पादों की उपलब्धता, नियमों के पालन और नकली खादों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरणीय स्थिरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। इस अवसर पर डेराबस्सी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा, कृषि विभाग के अतिरिक्त सचिव लतीफ अहमद, कृषि निदेशक गुरजीत सिंह बराड़ और अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) सोनम चौधरी भी उपस्थित थे।

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