अल्मोड़ा , मई 12 -- उत्तराखंड में कार्बेट टाइगर रिजर्व से सटे मोहान वन प्रभाग के कैमोरिया बीट के तड़म ग्राम सभा में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना सामने आने के बाद वन विभाग द्वारा चलाया गया बचाव अभियान सफल रहा। करीब डेढ़ महीने तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद वन विभाग की टीम ने बाघ को सुरक्षित पकड़ लिया है।

उप प्रभागीय वनाधिकारी काकुल पुंडीर ने मंगलवार को बताया कि बाघ का सफल बचाव किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण में बाघ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया, जिसके बाद उसे कॉर्बेट टाइगर रिजर्व भेज दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 मार्च को ग्राम तड़म में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना के बाद क्षेत्र में लगातार निगरानी और बचाव अभियान चलाया जा रहा था। अभियान के दौरान ड्रोन, ट्रैप कैमरे और विशेष गश्ती दलों की मदद से बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी गईं। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पिंजरे, फॉक्स लाइट, सायरन और अग्निशमन उपकरणों का भी उपयोग किया गया।

बचाव अभियान में वन विभाग की टीम की ओर से लगातार रात्रिकालीन गश्त, ट्रैकिंग और तलाश अभियान चलाया गया। इस दौरान कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और नैनीताल चिड़ियाघर की विशेषज्ञ टीमों का भी सहयोग लिया गया।

उन्होंने बताया कि 03 मई को भी ग्राम सभा तड़म के पास बाघ को ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास किया गया था लेकिन घने जंगल और विषम परिस्थितियों के चलते अभियान सफल नहीं हो पाया। इसके बाद अतिरिक्त टीमों की तैनाती की गई और लगातार सर्च अभियान जारी रखा गया।

वन विभाग ने क्षेत्र में जन-जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। पोस्टर और पंपलेट के माध्यम से लोगों को वन्यजीवों से बचाव संबंधी जानकारी दी गई। विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन्यजीव दिखाई देने पर तुरंत सूचना दें, जंगल में अकेले न जाएं और अंधेरे में आवाजाही से बचें।

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