बिलासपुर , अक्टूबर 22 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत गुरुवार को दो दिवसीय दौरे पर बिलासपुर आयेंगे।

संघ परिवार से आज मिली जानकारी के अनुसार वे शाम करीब चार बजे गोंडवाना एक्सप्रेस से बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। इसके बाद कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर जाएंगे, जहां शाम सात से आठ बजे तक आयोजित बौद्धिक वर्ग को संबोधित करेंगे। वह रात्रि विश्राम भी इसी परिसर में करेंगे।

बौद्धिक वर्ग में संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तथा अन्य आनुषंगिक संगठनों के सदस्य शामिल होंगे। डॉ. भागवत देश और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार रखेंगे तथा संगठन की भावी कार्ययोजना को लेकर मार्गदर्शन देंगे। कार्यक्रम के बाद बैठक भी प्रस्तावित है।

देश में युवाओं की बढ़ती सक्रियता के बीच संघ 40 साल से कम उम्र के लोगों को संगठन से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसके तहत संघ के साथ-साथ उससे जुड़े अन्य आनुषंगिक संगठनों में भी युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की योजना है। संघ के नियमित वर्गों की तर्ज पर अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

इस परिप्रेक्ष्य में डॉ. मोहन भागवत के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े युवाओं को मार्गदर्शन देने की संभावना जताई जा रही है।

संघ से जुड़े लोगों के अनुसार छत्तीसगढ़ में फिलहाल प्रांत प्रमुख का पद है, जिसके पास पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी है। आने वाले समय में अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली बैठक में छत्तीसगढ़ प्रांत को दो हिस्सों में विभाजित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। इसके तहत रायपुर और बिलासपुर विभाग बनाए जाने की संभावना है।

वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रांत को 11 विभागों में बांटा गया है। प्रस्तावित विभाजन के बाद रायपुर में 6 और बिलासपुर में पांच विभाग शामिल होंगे। इससे संगठन के कामकाज का विकेंद्रीकरण किए जाने की बात कही जा रही है। इस प्रक्रिया में प्रांत प्रमुख सहित कुछ मौजूदा पद समाप्त किए जा सकते हैं, जबकि नए पदों का गठन भी संभव है। डॉ. मोहन भागवत के प्रवास के दौरान इस विषय पर संघ पदाधिकारियों के साथ चर्चा होने की संभावना है।

दौरे के दूसरे दिन 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ प्रांत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित होगी। इसमें बिलासपुर नगर के 11 उपनगरों सहित प्रदेशभर के संघ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। बैठक में भाजपा तथा संघ के अन्य आनुषंगिक संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

शुक्रवार को प्रांत और विभाग स्तर की बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत निर्धारित कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा होगी। प्रांत, विभाग और योजना प्रमुख अपनी-अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। बैठकों में अब तक किए गए कार्यों का आकलन करने के साथ आगे की गतिविधियों और संगठन की भावी रणनीति पर भी विचार किया जाएगा।

डॉ. मोहन भागवत के प्रवास को देखते हुए संघ के पदाधिकारी और जिला प्रशासन तैयारियों में जुटे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर, आसपास के क्षेत्रों और रेलवे स्टेशन पर चौकसी बढ़ाई गई है।

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