चंडीगढ़ , सितंबर 04 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष के.एस. ढिल्लों ने सुनाम विधानसभा क्षेत्र के शेरों गांव निवासी गुरसिख युवक मोहनजीत सिंह के साथ कथित पुलिस अत्याचार की कड़ी निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहनजीत सिंह ने मुख्यमंत्री के समक्ष पंजाब में नशे के मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद उसके साथ कथित तौर पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार किया गया।
श्री ढिल्लों ने वीडियो कॉल के माध्यम से मोहनजीत सिंह से बातचीत कर उसका हालचाल जाना और नशे के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उसका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुश्किल घड़ी में युवक के साथ मजबूती से खड़ी है और उसे हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर संगरूर के एसएसपी और पंजाब के डीजीपी से फोन पर बात की तथा मोहनजीत सिंह के साथ कथित पुलिस प्रताड़ना की निष्पक्ष जांच और पीड़ित को न्याय देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि संगरूर-2 के जिला भाजपा अध्यक्ष दमन थिंद बाजवा और उनकी टीम भी पीड़ित की सहायता कर रही है।ढिल्लों ने कहा कि मोहनजीत सिंह ने कोई गैरकानूनी गतिविधि नहीं की थी, बल्कि उसने मुख्यमंत्री के सामने नशे की गंभीर समस्या और पंजाब के युवाओं को इससे बचाने का मुद्दा उठाया था। लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को सरकार से सवाल पूछने और अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले गुरसिख युवक को हिरासत में लेकर कथित तौर पर पीटने-प्रताड़ित करने और उसके ककारों का अनादर करने का आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह घटना पंजाब सरकार के 'नशे के खिलाफ युद्ध' अभियान के दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल रही है। श्री जाखड़ ने कथित पुलिस अत्याचार के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और मुख्यमंत्री से माफी की मांग की।
श्री ढिल्लों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार, जो आंदोलनों और जनसंघर्षों से निकली थी, अब उन्हीं लोगों के सवालों से डर रही है, जिनका प्रतिनिधित्व करने का वह दावा करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के जरिए जनता की आवाज दबाने के बजाय सरकार को नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं की बात सुननी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता सरकार के कथित अत्याचार और मनमानी से परेशान हो चुकी है, और 2027 के विधानसभा चुनाव में लोग इसका जवाब देंगे।
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