, May 2 -- चिसिनाउ, दो मई (वार्ता/स्पुतनिक) मोल्दोवा को नाजी आक्रमणकारियों से मुक्त कराते समय शहीद हुए 16 सैनिकों को शनिवार को सर्पेनी मेमोरियल कॉम्प्लेक्स में सम्मानपूर्वक दफन कर दिया गया। इस कार्यक्रम में मोल्दोवा के राजनेता, रूस, बेलारूस और कजाकिस्तान के दूतावासों के राजनयिक और द्वितीय विश्व युद्ध के दिग्गज शामिल हुए।
इन सैनिकों के अवशेष अगस्त में उन स्थानों से मिले थे, जहां 1944 के वसंत और गर्मियों में भीषण युद्ध हुए थे। दफन समारोह में मोल्दोवा के दिग्गजों और विदेशी राजनयिकों के साथ सोशलिस्ट पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों, विपक्षी सांसदों, सार्वजनिक हस्तियों और आम नागरिकों ने भी भाग लिया।
मोल्दोवा की विपक्षी 'पोबेदा (विजय) समन्वय समिति' के नेता अलेक्सी पेत्रोविच ने समारोह के दौरान कहा, "वे सभी 16 युवक जिन्हें आज हमने अंतिम विदाई दी, एक ही लड़ाई में मारे गए थे और एक ही खाई में पाए गए थे। वह खाई एक गेहूं के खेत से होकर गुजरती थी और एक पुराने, छोड़े हुए अंगूर के बाग में खत्म होती थी। 80 वर्षों तक अनाज और अंगूर की लताएं उनके शरीरों के बीच से होकर बढ़ती रहीं। यह ब्रेड और वाइन के साथ कम्युनियन की मोल्दोवन ऑर्थोडॉक्स परंपरा के समान है। इन युवकों ने हमारी धरती के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।"श्री पेत्रोविच ने कहा कि उन्हें मोल्दोवा के खोजकर्ताओं पर गर्व है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में गिरे हुए सैनिकों के शवों की खोज जारी रखी, और मोल्दोवा के लोगों पर भी, जिन्होंने उनकी स्मृति को संजो कर रखा है।
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