जयपुर , फरवरी 24 -- राजस्थान के पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा मोबाइल वेटरनरी यूनिट योजना के माध्यम से पशुपालकों को घर बैठे पशुओं के लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है और इसके तहत अब तक 61 लाख 30 हजार से अधिक पशुओं का निःशुल्क उपचार किया गया है।
श्री कुमावत ने प्रश्नकाल में विधायक हरलाल सहारण के पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी 2024 से प्रारंभ इस योजना के तहत गत 15 फरवरी तक मोबाइल वेटरनरी यूनिट द्वारा ऑन-कॉल सेवाओं एवं शिविरों के माध्यम से 15 लाख 99 हजार 840 पशुपालकों के 61 लाख 30 हजार 856 पशुओं का निःशुल्क उपचार किया गया है। उन्होंने बताया कि चूरू जिले में 35 हजार 466 पशुपालकों के एक लाख 23 हजार 374 पशुओं का उपचार किया गया, जबकि चूरू विधानसभा क्षेत्र में सात हजार 666 पशुपालकों के 36 हजार 549 पशुओं का निःशुल्क इलाज किया गया।
उन्होंने बताया कि योजना प्रारंभ होने (24 फरवरी, 2024) के समय विभाग का कॉल सेंटर शुरू नहीं हो पाने के कारण विभाग द्वारा गांव-गांव में शिविर आयोजित कर पशुपालकों को लाभान्वित किया गया। इन शिविरों में इलाज किये गए पशुओं की संख्या भी इन आंकड़ों में शामिल है। उन्होंने बताया कि नौ अक्टूबर, 2024 को विभाग का कॉल सेंटर प्रारंभ किया गया तथा 31 दिसंबर, 2024 से यूनिट द्वारा पशुओं का ऑन-कॉल निःशुल्क उपचार नियमित रूप से प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मोबाइल वेटरनरी यूनिट योजना की सफलता एवं प्रदेश की विशाल भौगोलिक स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा केंद्रीय पशुपालन मंत्री से प्रदेश में मोबाइल यूनिटों की संख्या बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। श्री कुमावत ने बताया कि यह योजना केंद्र प्रवर्तित योजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है। योजना के तहत प्रदेश में 536 मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स संचालित हैं। इन मोबाइल वाहनों की शत-प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गयी है, जबकि इनके संचालन के लिए बजट व्यवस्था 60 प्रतिशत केंद्र सरकार एवं 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है।
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