मुंबई , अक्टूबर 10 -- मुंबई अपराध शाखा ने बिना अनुमति के गोपनीय कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और मोबाइल फोन लोकेशन डेटा प्राप्त करने तथा बेचने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।

अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि पुलिस ने जांच के दौरान 50 सीडीआर, 520 ग्राहकों से जुड़ा डेटा, 550 मोबाइल लोकेशन रिकॉर्ड, 420 इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी (आईएमईआई) विवरण और सात मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

इस रैकेट के दायरे का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए पूछताछ जारी है।

मुंबई अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त नवनाथ धवले ने बताया कि जांच तब शुरू हुई, जब ओशिवारा पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिसने दावा किया था कि वह कॉल रिकॉर्ड की मदद से चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगा सकता है। यह संदिग्ध व्यक्ति संजय नाम के पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बता रहा था।

उसकी पूछताछ के आधार पर जांचकर्ता दो अन्य संदिग्धों तक पहुंचे। उनके मोबाइल फोन कनेक्शन की जांच कर और उनसे पूछताछ कर, अपराध शाखा ने इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की और दो पुलिसकर्मियों सहित नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों में से एक को बिहार से गिरफ्तार किया गया, जबकि एक पुलिस कांस्टेबल को झारखंड से पकड़ा गया।

जांचकर्ताओं को अंदेशा है कि आरोपियों ने वैवाहिक विवादों, व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता और कर्मचारियों से जुड़े मामलों के चलते दूसरों की निगरानी करने वाले लोगों को गोपनीय दूरसंचार डेटा हासिल कर बेचा था।

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