बैतूल , जुलाई 26 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की जीआरपी आमला ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3,59,551 रुपये मूल्य का चोरी का सामान बरामद किया है।

जीआरपी थाना आमला के थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रमोद पाटिल ने बताया कि अपराध क्रमांक 113/26 एवं 114/26 की जांच के दौरान गठित विशेष टीम ने मुख्य आरोपी तुलसीदास राठौर (36), निवासी चंद्रपुर (महाराष्ट्र), को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र के यवतमाल में दबिश देकर गिरोह के दो अन्य सदस्यों कुणाल पंचमभाई (19) और आशुतोष उर्फ आशु लाड़के (21) को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 चोरी के मोबाइल फोन, एचपी कंपनी का एक लैपटॉप, इयरबड्स, लेंसकार्ट का चश्मा, बैग, विभिन्न दस्तावेज तथा 5,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। जब्त सामग्री का कुल मूल्य 3,59,551 रुपये आंका गया है। इनमें मुख्य आरोपी से आठ मोबाइल फोन तथा अन्य दो आरोपियों से लैपटॉप, एक सैमसंग मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त किया गया।

तकनीकी जांच के दौरान जब्त मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबरों का मिलान किया गया, जिसमें दो मोबाइल जीआरपी आमला में दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित पाए गए। इन दोनों मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 79 हजार रुपये बताई गई है।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने चोरी किए गए मोबाइल फोनों से जुड़े पेटीएम और एटीएम खातों का दुरुपयोग कर नकदी भी निकाली थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से शेष नकदी भी जब्त कर ली है।

जीआरपी के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों, अंतरराज्यीय समन्वय और सटीक सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई से ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है, जो लंबे समय से ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के मोबाइल और अन्य कीमती सामान चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य मामलों की जांच भी की जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रमोद पाटिल के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक रवि यादव, कुलदीप लोट, दिलीप नरवरे, आरक्षक पवन तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक अमित सक्सेना की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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