नयी दिल्ली , मार्च 27 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर दिल्ली-मेरठ रैपिड मेट्रो का ऋषिकेश तक विस्तार करने के साथ ही राज्य में चल रही विभिन्न परियोजनाओं में केन्द्र के विशेष सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने प्रधानमंत्री से उत्तराखंड की यात्रा पर आने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने श्री मोदी से हुई मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया और कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में विकास में जो सहयोग कर रही है उसके के लिए उंन्होने श्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होनें प्रधानमंत्री को विकास की गतिविधियों के अवलोकन के लिए उत्तराखंड के दौरे पर आने का भी निमंत्रण दिया।
श्री धामी ने मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री के समक्ष राज्य में विकास गतिविधियों को बढ़ाने के लिएदिल्ली-मेरठ क्षेत्रीय रैपिड परिवहन (आरआरटीएस) परियोजना का विस्तार हरिद्वार और ऋषिकेश तक करने के साथ ही दिल्ली- हल्द्वानी एक्सप्रेस-वे निर्माण, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में तेजी लाने, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन, हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण तथा उत्तरकाशी को रेल नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही रक्षा उपकरण निर्माण हब की स्थापना, टिहरी झील में सी-प्लेन सेवा, चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी विस्तार और रायवाला में बीआई-डक ब्रिज विकास के लिए भी केंद्र से सहयोग मांगा।
उन्होंने टिहरी के शक्तिपीठ मां सुरकंडा देवी की प्रतिकृति, बद्री गाय का घी, विभिन्न जिलों की राजमा और शहद भेंट किए। धामी ने हरिद्वार कुम्भ-2027 के लिए 500 करोड़ रुपये की सहायता, नदी जोड़ो परियोजना के तहत जल मार्ग की व्यवहार्यता अध्ययन, राजाजी नेशनल पार्क स्थित चौरासी कुटिया के विकास, नैनी-सैनी हवाई पट्टी समझौता ज्ञापन और चारधाम यात्रा हेतु हेली सेवाओं में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य में पर्यटन और आर्थिकी को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड को वैश्विक विवाह गंतव्य के रूप में विकसित करने हेतु चोपता, दुग्गलबिट्ठा, पटवाडांगर और शारदा कॉरिडोर क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है, जबकि रामनगर, देहरादून, ऋषिकेश और त्रियुगीनारायण पहले से ही प्रमुख विवाह गंतव्य बन चुके हैं। राज्य में आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र के रूप में बेल केदार, अंजनीसैंण-टिहरी तथा लोहाघाट-श्यामलाताल को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शीतकालीन यात्रा शुरू होने से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है और आदि कैलास यात्रा में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य में होम-स्टे योजना के अंतर्गत 6000 से अधिक होम-स्टे पंजीकृत किए जा चुके हैं और "उत्तरास्टेज़" पोर्टल के माध्यम से स्थानीय लोगों को निःशुल्क विपणन सुविधा मिल रही है। "हाउस ऑफ हिमालयाज" ब्रांड के जरिए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही "एक जिला-एक मेला", क्लस्टर विद्यालय योजना और भारत दर्शन-उत्तराखंड दर्शन कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा, पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा रही है।
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