शिमला , जून 12 -- केंद्रीय स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा और कल्याणकारी कार्यक्रमों में बड़े निवेश के माध्यम से हिमाचल प्रदेश का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया है, साथ ही वर्ष 2047 तक एक विकसित भारत की नींव रखी है।

भाजपा के "12 साल के विश्वास, विकास और जन कल्याण" अभियान के हिस्से के रूप में शिमला में आयोजित एक प्रबुद्ध जन सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री नड्डा ने कहा कि पिछले 12 वर्षों को परिवर्तनकारी शासन और विकास के काल के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राजनीति के केंद्र को परिवारवाद, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार से हटाकर सेवा, जवाबदेही और सुशासन की ओर मोड़ा है। उनके अनुसार, सरकार के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मूलमंत्र ने यह सुनिश्चित किया है कि योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे।

प्रमुख नीतिगत निर्णयों पर प्रकाश डालते हुए श्री नड्डा ने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाना, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, तीन तलाक की समाप्ति और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लागू करना भाजपा नेतृत्व वाली सरकार द्वारा उठाए गए ऐतिहासिक कदमों में शामिल हैं। बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने पिछले 12 वर्षों में राजमार्गों , सुरंगों, रेलवे नेटवर्क और परिवहन के बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार देखा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि हिमाचल प्रदेश ने शत-प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण हासिल कर लिया है।

श्री नड्डा ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत देश भर में 4.3 लाख किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया है, जिसमें अकेले हिमाचल प्रदेश में 14,400 किलोमीटर से अधिक सड़कें शामिल हैं। उन्होंने उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला और दावा किया कि इनसे करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

स्वास्थ्य क्षेत्र पर चर्चा करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से मेडिकल कॉलेजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में चंबा, हमीरपुर और नाहन में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ-साथ बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया।

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