चंडीगढ़ , मई 21 -- आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने गुरुवार को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर आरोप लगाया कि उसने कॉरपोरेट घरानों के साथ मिलकर देश, पंजाब और खासकर किसानों को बेरहमी से लूटा है।
श्री धालीवाल ने यहां जारी एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह "किसान विरोधी", "पंजाब विरोधी" और "जनविरोधी" बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य आम लोगों की जेब खाली कर अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई, लेकिन केंद्र सरकार ने इसका लाभ आम जनता और किसानों को देने की बजाय बड़ी तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और ओएनजीसी को पहुंचाया।
उन्होंने दावा किया कि इन कंपनियों को करीब 3.20 लाख करोड़ रुपये का लाभ दिया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के करीबी उद्योगपति समूह रिलायंस इंडस्ट्रीज को भी लगभग तीन लाख करोड़ रुपये का सीधा फायदा पहुंचाया गया। धालीवाल ने कहा कि इस तरह कुल मिलाकर देश के गरीबों की जेब पर करीब 6.30 लाख करोड़ रुपये का बोझ डाला गया।
आप नेता ने कहा कि दुनिया के कई छोटे देशों का सालाना बजट भी 6.30 लाख करोड़ रुपये से कम होता है, लेकिन केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों के साथ मिलकर इतना बड़ा आर्थिक बोझ जनता पर डाल दिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तेल कंपनियां लाखों करोड़ का मुनाफा कमा रही थीं, तब जनता को एक पैसा भी राहत नहीं दी गई। लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में मामूली उतार-चढ़ाव या कंपनियों के हल्के नुकसान का हवाला देकर तुरंत पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।
श्री धालीवाल ने आशंका जताई कि आने वाले दो-तीन दिनों में डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की कीमतों में फिर बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग की कमर टूट जाएगी। उन्होंने कहा कि एक जून से पंजाब सहित देशभर में धान की बुवाई शुरू होने जा रही है। ऐसे समय में जब किसान भीषण गर्मी में दिन-रात खेतों में मेहनत कर रहे हैं, केंद्र सरकार ने डीजल महंगा कर किसानों की पीठ में छुरा घोंपा है। उन्होंने सवाल उठाया कि महंगे डीजल के साथ किसान खेती कैसे जारी रख पाएंगे।
उन्होंने कहा कि डीजल महंगा होने से ट्रैक्टर चलाने, खेती और बुवाई की लागत बढ़ जाएगी, जिससे किसानों के लिए परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईंधन की बढ़ती कीमतों से देश की कृषि व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से परिवहन लागत भी बढ़ेगी, जिसके कारण खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगा। छोटे व्यापारी, रेहड़ी-पटरी वाले, मजदूर और वेतनभोगी वर्ग महंगाई की मार से बुरी तरह प्रभावित होंगे।
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