भोपाल , मई 27 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने आरोप लगाया है कि केंद्र की मोदी सरकार जनविरोधी और कारपोरेटपरस्त नीतियों के चलते तानाशाही से आगे बढ़कर फासीवाद की राह पर चल रही है।
माकपा की मध्यप्रदेश राज्य समिति की दो दिवसीय बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी पोलित ब्यूरो सदस्य आर अरुण कुमार ने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई, पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि, घटते रोजगार और कृषि संकट केंद्र सरकार की नीतियों का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना सरकार की असफलताओं को छिपाने का प्रयास है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार भारत के हितों को प्राथमिकता देने के बजाय अमेरिकी साम्राज्यवाद के समर्थन में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की दो बैठकों में साझा बयान जारी नहीं हो पाने के पीछे भी भारत सरकार की भूमिका रही है।
आर अरुण कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मनुवादी एजेंडे को तेजी से लागू कर रही है, जिससे संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और संघीय ढांचे को खतरा उत्पन्न हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ लड़ने के लिए जनता के बीच जाकर स्वतंत्र ताकत बढ़ाने और सभी वामपंथी तथा जनवादी शक्तियों को एकजुट करने की आवश्यकता है। उन्होंने पार्टी के राजनीतिक अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने का आह्वान करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में माकपा एक जून से 15 जून तक सघन जन अभियान चलाएगी।
उन्होंने हाल ही में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि केरल में वामपंथी जनवादी मोर्चे की हार जनवादी शक्तियों के लिए झटका है, जबकि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के बढ़ते खतरे का संकेत है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जीत कारपोरेट धन, चुनाव आयोग की भूमिका, केंद्रीय एजेंसियों के उपयोग तथा ममता सरकार के खिलाफ जन असंतोष के कारण संभव हुई। बैठक की अध्यक्षता अशोक तिवारी ने की।
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