शिलांग , जून 04 -- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि मोदी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों से पूर्वोदय का लक्ष्य साकार हो रहा है और देश का पूर्वोत्तर क्षेत्र आज विशाल अवसरों का केंद्र बन रहा है।

श्री शाह ने यहां पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) की 73वीं पूर्ण बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उनके साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास विभाग के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे।

मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार के दौर में क्षेत्र में सक्रिय पृथकतावादी संगठनों के साथ 12 से अधिक शांति समझौते किए गए जिससे पूर्वोत्तर में शांति आयी और क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर और रेल-सड़क-हवाई संपर्क के विकास से दिलों की भी दूरियां दूर हुई हैं।

मेघालय के राज्यपाल सी एच विजय शंकर, मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री सुकांत मजुमदार, केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव संजय जाजू उपस्थित थे। बैठक में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, त्रिपुरा, मिज़ोरम, नागालैंड और सिक्किम के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

गृहमंत्री ने कहा, "अच्छी कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द्र के आधार पर ही विकास की नींव रखी जा सकती है। पिछले 12 साल में 12 से अधिक शांति समझौते कर पूर्वोत्तर में विवादों का समाधान किया गया और 10 हज़ार 800 से अधिक युवाओं को हथियार डालने के बाद मेनस्ट्रीम में लाया गया। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने नॉर्थईस्ट को इन्सर्जेंसी से मुक्त करा दिया है। नॉर्थईस्ट में पिछले 12 साल में सुनियोजित रूप से इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है और विकसित रेल, रोड़ और एयर कनेक्टिविटी से दिल्ली और नॉर्थईस्ट के बीच की दूरी कम हुई है। मोदी सरकार के 12 साल में नॉर्थईस्ट के इन्फ्रास्ट्रक्चर में कई गुना विकास हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने दिल्ली और नॉर्थईस्ट के बीच न सिर्फ भौगोलिक दूरी कम की है बल्कि दिलों की दूरी को भी कम करने का काम किया है।"उन्होंने कहा कि सरकार की एक्ट ईस्ट, एक्ट फर्स्ट और एक्स फास्ट की नीति से प्रधानमंत्री मोदी का 'पूर्वोदय' का लक्ष्य साकार हो रहा है तथा कभी विवादों का केंद्र रहा पूर्वोत्तर आज अवसरों का केंद्र बन गया है। उन्होंने जोर दिया कि क्षेत्र के विकास, समृद्धि और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने हेतु गठित उच्च-स्तरीय कार्यबल का सिफारिशों का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन किया जाए और पूर्वोत्तर राज्यों के सभी मुख्यमंत्री और राज्यपाल सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली की नियमित समीक्षा करें, ताकि निवेशकों के लिए पूर्वोत्तर सबसे आकर्षक गंतव्य बने।

श्री शाह ने यह भी कहा कि सबरूम लैंड पोर्ट और मेघालय व मिजोरम में स्थापित कस्टम्स केंद्र से पूर्वोत्तर साउथ ईस्ट एशिया और इंडो पैसिफिक देशों के साथ व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने नशीले पदार्थों का कारोबार करने वालों के खिलाफ सरकार के सख्त रवैये को रेखांकित करते हुए कहा किनारकोटिक्स तस्करी के खात्मे हेतु भारत सरकार की विशेष कार्ययोजना तैयार है। उन्होंने पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को 'नशामुक्त पूर्वोत्तर अभियान' को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

गृहमंत्री ने पूर्वोत्तर के राज्य मछली और दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनें, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) और सहकारिता मंत्रालय के सहयोग से क्षेत्र में उच्च दुग्ध उत्पादक पशुओं और सहकारी नेटवर्क का विस्तार करने के लिए केंद्र से पूरी मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने अगरवुड, सुगंधित तेल, वेलनेस, कॉस्मेटिक और बांस आधारित उद्योगों में पूर्वोत्तर को वैश्विक उत्पादन एवं निर्यात केंद्र बनाने की विशेष रणनीति बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

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