रांची , सितंबर 15 -- ारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने यूपीआई लेन-देन पर संभावित एमडीआर/शुल्क लगाए जाने की खबरों पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि मोदी सरकार की लूट अब आम आदमी की डिजिटल जेब तक पहुँच गई है।
श्री मुंजनी ने आज यहां कहा कि जिस यूपीआई को सरकार ने देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया था, अब उसी पर शुल्क लगाने की तैयारी जनता के साथ एक और आर्थिक अन्याय है।
उन्होंने कहा कि पहले "नो फी ऑन यूपीआई" की बात कही जाती थी, लेकिन अब Rs.2,000 तक के यूपीआई लेन-देन को शुल्क-मुक्त रखने और उससे ऊपर के मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर एम डी आर लगाने की चर्चा सामने आ रही है। यदि यह लागू होता है तो यह सीधे छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा।
श्री मुंजनी ने सवाल किया कि आखिर यूपीआई को बढ़ावा देने के नाम पर देश को डिजिटल भुगतान की ओर धकेलने के बाद अब उसी डिजिटल व्यवस्था पर शुल्क लगाने की जरूरत क्यों पड़ रही है?उन्होंने कहा कि नोटबंदी के समय मोदी सरकार ने देश को कैशलेश इकोनामी और डिजिटल पेमेंट्स की ओर ले जाने का तर्क दिया था। करोड़ों लोगों ने सरकार के आह्वान पर डिजिटल भुगतान को अपनाया। आज जब यूपीआई देश की रोजमर्रा की आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, तब उस पर शुल्क लगाने की सोच जनता के विश्वास के साथ धोखा है।
उन्होंने कहा कि यदि Rs.5,000 के लेन-देन पर Rs.25 और Rs.10,000 के लेन-देन पर Rs.50 तक शुल्क वसूले जाने की खबरें सही हैं, तो सरकार को देश के सामने स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि वास्तविक प्रस्ताव क्या है, एमडीआर किस पर लगेगा और इसका अंतिम बोझ किस पर पड़ेगा।
एमडीआर का बोझ अंततः जनता की जेब पर ही पड़ेगासतीश पॉल मुंजनी ने कहा कि सरकार चाहे इसे एमडीआर कहे या कोई अन्य नाम दे, व्यापारी पर आने वाला अतिरिक्त खर्च अंततः सामान और सेवाओं की कीमतों में शामिल होकर उपभोक्ता की जेब से ही निकलेगा।
श्री मुंजनी ने कहा कि पहले से ही महँगाई और बेरोजगारी से परेशान आम जनता को राहत देने के बजाय केंद्र सरकार रोज नए तरीके से उसकी जेब पर बोझ डालने की तैयारी कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि यूपीआई लेन-देन पर किसी भी प्रकार का नया शुल्क या एमडीआर लगाने की योजना तत्काल वापस ली जाए और डिजिटल भुगतान को वास्तव में "जनहित का माध्यम" बनाए रखा जाए, न कि सरकार के लिए राजस्व वसूली का नया जरिया।
श्री मुंजनी ने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की जेब पर किसी भी प्रकार के डिजिटल टैक्स या छिपे हुए शुल्क के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएगी।
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