, Oct. 31 -- उल्लेखनीय है कि श्री मोदी ने आज राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की और एकता दिवस की शपथ भी दिलाई तथा एकता दिवस परेड भी देखी।
परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के साथ-साथ विभिन्न राज्य पुलिस बलों की टुकड़ियां शामिल थीं। इस वर्ष के मुख्य आकर्षणों में रामपुर हाउंड्स और मुधोल हाउंड्स जैसे विशेष रूप से भारतीय नस्ल के कुत्तों से युक्त बीएसएफ का मार्चिंग दस्ता, गुजरात पुलिस का घुड़सवार दस्ता, असम पुलिस का मोटरसाइकिल डेयरडेविल शो, और बीएसएफ का ऊंट दस्ता और ऊंट सवार बैंड शामिल थे।
परेड में सीआरपीएफ के पांच शौर्य चक्र विजेताओं और बीएसएफ के सोलह वीरता पदक विजेताओं को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में असाधारण साहस का परिचय दिया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ कर्मियों की वीरता के लिए भी उन्हें सम्मानित किया गया।
इस वर्ष की राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में एनएसजी, एनडीआरएफ, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, मणिपुर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और पुडुचेरी की दस झांकियां शामिल थीं, जिनका विषय था, "अनेकता में एकता।" 900 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की समृद्धि और विविधता को दर्शाते हुए भारत के शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किये गये। इस वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का विशेष महत्व है, क्योंकि राष्ट्र सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मना रहा है।
श्री मोदी की उपस्थिति में एकता नगर के परेड ग्राउंड में अनेक आकर्षक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें गुजरात पुलिस तथा सीआरपीएफ की महिला कर्मचारियों द्वारा संयुक्त वेपन ड्रिल का निदर्शन, सीआईएसएफ द्वारा पारंपरिक युद्ध कला प्रदर्शन, असम पुलिस द्वारा मोटर साइकिल डेयर डेविल शो, सीआरपीएफ द्वारा शस्त्र रहित संघर्ष (यूएसी) का प्रदर्शन, बीएसएफ द्वारा डॉग शो और एनसीसी द्वारा 'वल्लभभाई सरदार हमारे' विषय पर आधारित विशेष प्रदर्शन, विभिन्न बलों द्वारा कौशल, शक्ति एवं अनुशासनके अद्भुत प्रदर्शन तथा भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण टीम के भव्य एयर शो ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रधानमंत्री ने आज 'आरंभ 7.0' के समापन पर 100वें फाउंडेशन कोर्स के प्रशिक्षु अधिकारियों से वार्तालाप भी किया। 'आरंभ' का सातवां संस्करण "शासन की पुनर्कल्पना" विषय पर आयोजित किया जा रहा है। इस 100वें फाउंडेशन कोर्स में भारत की 16 सिविल सेवाओं और भूटान की तीन सिविल सेवाओं के 660 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल हैं।
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