हैदराबाद , मई 09 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को तेलंगाना में लगभग 1,535 करोड़ रुपये की लागत वाली रेल अवसंरचना परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

रेलवे ने शनिवार को यह जानकारी दी।

श्री मोदी जिन परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, उनमें काजीपेट-विजयवाड़ा मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना के कई खंड शामिल हैं, जो 118 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। इनमें वारंगल-काजीपेट, नेकोंडा-महबूबाबाद और एर्रुपालेम-दोर्नकल जंक्शन रेल खंड शामिल हैं। इस परियोजना से तेलंगाना के हनुमकोंडा, वारंगल, महबूबाबाद और खम्मम जैसे प्रमुख जिलों को लाभ मिलेगा। ये परियोजनाएं रेल सम्पर्क को मजबूत करने, परिचालन दक्षता में सुधार करने और पूरे क्षेत्र में यात्रियों तथा माल की आवाजाही को बेहतर बनाने की दिशा में कारगर साबित होंगी।रेलवे ने कहा है कि यह गलियारा व्यस्त 'ग्रैंड ट्रंक' मार्ग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो देश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ते हुए भारी मात्रा में यात्री और माल यातायात का प्रबंधन करता है।

रेलवे ने कहा है कि यह मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना लाइन की क्षमता में काफी वृद्धि करेगी, जिससे ट्रेनों का परिचालन अधिक सुचारू और तेज हो सकेगा। साथ ही अत्यधिक उपयोग किए जाने वाले मार्गों पर भीड़भाड़ भी कम होगी। इससे ट्रेनों की समय-पाबंदी में सुधार होने, मालगाड़ियों के ठहराव में कमी आने और पूरे क्षेत्र में माल की अधिक कुशल आवाजाही संभव होने की उम्मीद है।

रेलवे के अनुसार यह परियोजना विशेष रूप से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र तथा उत्तरी भारत के प्रमुख गंतव्यों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को लाभ पहुंचाएगी। यह काजीपेट-विजयवाड़ा गलियारे के माध्यम से यात्रा की विश्वसनीयता बढ़ाकर, देरी कम करके और तेज आवागमन सुनिश्चित करके यात्रियों के लिए यात्रा को बेहतर बनाएगी।

रेलवे ने कहा है कि माल ढुलाई की बढ़ी हुई क्षमता तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच कोयला, सीमेंट, उर्वरक, कृषि उपज और औद्योगिक वस्तुओं के परिवहन में भी सहायक होगी। इससे स्थानीय उद्योगों, किसानों और व्यवसायों को तेज और अधिक कुशल लॉजिस्टिक्स आवाजाही के माध्यम से लाभ मिलेगा।

विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री 21 किमी लंबे 'काजीपेट रेल अंडर रेल बाईपास' को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शनों में से एक काजीपेट जंक्शन पर भीड़भाड़ को कम करना है।

रेलवे के अनुसार यह बाईपास हैदराबाद, बल्हारशाह और विजयवाड़ा की ओर ट्रेनों की एक साथ आवाजाही को संभव बनाएगा, जिससे परिचालन लचीलेपन में काफी सुधार होगा और ट्रेनों के प्रतीक्षा समय में कमी आएगी। यह परियोजना इस व्यस्त जंक्शन पर परिचालन संबंधी टकरावों और क्रॉसिंग में होने वाली देरी को कम करेगी, जिससे ट्रेनों की समय-पाबंदी बेहतर होगी और उनका परिचालन अधिक सुव्यवस्थित हो जाएगा। यह बाईपास दिल्ली-चेन्नई के महत्वपूर्ण मार्ग पर सम्पर्क को भी मज़बूत करेगा और प्रमुख गलियारों से गुज़रने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए माल ढुलाई की क्षमता को बेहतर बनाएगा। जंक्शन पर बिना किसी ठहराव या मार्ग संबंधी रुकावट के ट्रेनों की सीधी आवाजाही से परिचालन क्षमता और बढ़ेगी, और यात्री व मालगाड़ी, दोनों सेवाओं की आवाजाही और भी सुगम हो जाएगी।

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