चंडीगढ़ , जून 24 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जुड़ी कथित आपत्तिजनक और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में तेलंगाना निवासी हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में पुलिस ने चालान पेश कर दिया है। मामले की सुनवाई 26 जून से शुरू होगी।
चंडीगढ़ पुलिस ने हसन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अदालत में चालान दाखिल किया है। हसन को 25 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में जेल में है। उसकी जमानत याचिका जिला अदालत द्वारा दो बार खारिज की जा चुकी है।
इस मामले में दिल्ली निवासी लेखिका मधु किश्वर समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। अब तक हसन की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
मामले की शुरुआत 19 अप्रैल को हुई थी, जब भाजपा के पूर्व पार्षद एवं अधिवक्ता सतिंदर सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ता प्रधानमंत्री का एक वीडियो भ्रामक कैप्शन के साथ वायरल कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर सेक्टर-26 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
हसन सिद्दीकी ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उसने प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। उसका दावा है कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो पोस्ट कर एआई टूल 'ग्रोक' से केवल यह पूछा था कि वीडियो असली है या नहीं। उसके अनुसार इसी पोस्ट को आधार बनाकर उसकी गिरफ्तारी की गयी।
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