हरिद्वार , जुलाई 26 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2026 के प्रतिभागियों एवं मेरा युवा भारत के स्वयंसेवकों से संवाद किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों को "देश का प्रथम गांव" मानते हुए विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 वाइब्रेंट गांवों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। हरिद्वार जनपद से 20 मेरा भारत स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष से कार्यक्रम में सहभागिता की।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, एनआईसी के संयुक्त निदेशक यशपाल सिंह, युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद पांडेय, जिला क्रीड़ा अधिकारी रविन्द्र भंडारी तथा जिला युवा अधिकारी रोशन कुमार उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र ने स्वयंसेवकों से संवाद करते हुए 'विकसित हरिद्वार' विषय पर अपने सुझाव लिखित रूप में देने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से जनपद की समस्याओं, विकास की संभावनाओं और नवाचारों से जुड़े सुझाव साझा करने को कहा, ताकि प्रशासन उनकी सोच और अपेक्षाओं के अनुरूप योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सके।

कार्यक्रम के दौरान युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद पांडेय ने सुझाव दिया कि हरिद्वार के युवाओं को उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों से परिचित कराने के लिए जनपद स्तर पर भी वाइब्रेंट विलेज जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सहमति जताते हुए इसे युवाओं में राष्ट्रभावना और सीमांत क्षेत्रों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

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