नयी दिल्ली , नवंबर 4 -- प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राजधानी में भारत और रूस के व्यवसायियों की एक बैठक में कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग एक नये दौर में प्रवेश करने जा रहा है।
भारत-रूस व्यावसायिक फोरम की इस बैठक को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी संबोधित किया । इसका आयोजन दोनों देशों के बीच 23वीं शिखबर बैठक के बाद किया गया था। शिखर बैठक में दोनों नेताओं ने आर्थिक संबंधों के विस्तार के लिए 2030 तक के एक विस्तृत कार्यक्रम पर सहमति जताई है। दोनों पक्षों ने इस पांच वर्ष की अवधि में आपसी वार्षिक वाणिज्यिक व्यापार डेढ़ गुना कर 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।
श्री मोदी ने फोरम में कहा कि भारत और रूस मिल कर नवाचार, सृजन और उत्पादन के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के व्यवसायियों के लिए विद्युत वाहन से लेकर दवा और कपड़ा से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग करने के अवसरों को रेखांकित किया ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के कौशल केंद्र के रूप में उभर रहा है। भारत की युवा श्रम शक्ति रूप की जननांकीय और आर्थिक प्राथमिकताओं में सहायक हो सकती है।
उन्होंने भारत और यूरेशियायी आर्थिक संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को रूस सहित यूरेशियायी आर्थिक संघ के सदस्यों के बची द्विपक्षीय आर्थिक जुड़ाव को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
भारत-रूस व्यापार को 2030 तक100 अरब डॉलर वार्षिक तक पहुंचाने के राष्ट्रपति पुतिन के लक्ष्य का समर्थन करते हुए श्री मोदी ने कहा कि दोनों देश वैक्सीन और कैंसर चिकित्सा के विकास में सहयोग कर सकते हैं।
श्री पुतिन शिखर बैठक के लिए दो दिन की यात्रा पर गुरुवार शाम दिल्ली पहुंचे थे। श्री पुतिन के साथ उनकी कल प्रधानमंत्री आवास में रात्रि भोज पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने आज हैदराबाद में विस्तृत बातचीत की जिसमें दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुए।
श्री पुतिन का 2021 के बाद भारत की यह पहली यात्रा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनके सम्मान में आज रात्रिभोज का आयोजन किया है। उसके बाद वह स्वदेश रवाना हो जाएंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित