जयपुर , अप्रैल 09 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रेल को राजस्थान के बालोतरा जिले में देश के पहले एचपीसीएल इंटीग्रेटेड रिफाइनरी कम पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का शुभारंभ करेंगे।
श्री शर्मा प्रधानमंत्री की प्रस्तावित बालोतरा यात्रा की तैयारियों के संबंध में गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी के माध्यम से राजस्थान देश की ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बनेगा और साथ ही, इससे प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति भी मिलेगी। उन्होंने आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इस मौके पर प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित करेंगे। साथ ही वह रिफाइनरी से उत्पादित एलपीजी प्रोडक्ट्स के टेंकर्स को हरी झण्डी भी दिखाएंगे। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा, विद्युत आपूर्ति, पार्किंग, यातायात, सुरक्षा सहित अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि यातायात सुचारू रहने के साथ पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने रिफाइनरी परिसर में वृक्षारोपण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।
श्री शर्मा ने कहा कि एचआरआरएल रिफाइनरी में पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ पॉलीप्रोपाइलीन, एलएलपीडीई (लीनियर लो डेंसिटी पॉलीइथिलीन), एचडीपीई (हाई डेंसिटी पॉलीइथिलीन), बेंजीन, टोल्यून और ब्यूटाडाइन का भी उत्पादन होगा। ये सभी उत्पाद परिवहन, फार्मा, पेंट, पैकेजिंग उद्योग आदि जैसे क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ऊर्जा की आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगी और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र की आयात पर निर्भरता को कम करेगी। साथ ही, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि पचपदरा स्थित एचपीसीएल रिफाइनरी देश-प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति करने में कारगर होगी। इस परियोजना की संशोधित लागत 79 हजार 459 करोड़ रुपये है। इस इकाई की वार्षिक शोधन क्षमता 9 मिलियन मैट्रिक टन है। इसमें 1.5 से 2.5 मिलियन टन राजस्थान क्रूड और 6.5 से 7.5 मिलियन टन आयातित क्रूड का मिश्रण उपयोग किया जाएगा। यह रिफाइनरी लगभग 4 हजार 400 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। इस रिफाइनरी से एलपीजी का व्यावसायिक उत्पादन सफलतापूर्वक प्रारंभ हो चुका है।
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