हैदराबाद , मार्च 27 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पश्चिम एशिया में मौजूदा तनाव के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की।
इसमें तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सक्रिय रूप से भाग लिया और निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य के उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
बातचीत के दौरान श्री रेड्डी ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति के प्रबंधन के लिए व्यापक निगरानी प्रणाली स्थापित की गयी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति हैदराबाद के कमांड कंट्रोल सेंटर से स्थिति की समीक्षा कर रही है, जबकि वितरण की निगरानी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सभी 33 जिलों में जिला स्तरीय समितियां और नोडल अधिकारी तैनात किये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत अस्पतालों, स्कूलों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है। अधिकारी ईंधन स्टेशनों पर स्टॉक के स्तर पर भी कड़ी नजर रख रहे हैं और दैनिक खपत के पैटर्न की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना की पेट्रोल और डीजल की औसत दैनिक खपत लगभग 36,189 किलोलीटर है, जबकि राज्य में वर्तमान में 1,88,210 किलोलीटर का भंडार है, जो पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करता है।
श्री रेड्डी ने गलत सूचनाओं के प्रति भी आगाह किया और कहा कि सोशल मीडिया पर ईंधन की कमी के बारे में अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दीर्घकालिक पहलों पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि तेलंगाना जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दे रहा है।
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