जोधपुर , मार्च 26 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का कार्य हो रहा हैं।

श्री शर्मा गुरुवार को जोधपुर के शिकारपुरा (लूणी) स्थित श्री राजाराम आंजणा आश्रम में आयोजित रामनवमी मेले तथा सिद्ध संत राजाराम जी महाराज के 144वें जन्मोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के भव्य मंदिर का निर्माण, वाराणसी से लेकर महाकाल महालोक कॉरिडोर सहित प्रमुख तीर्थस्थलों के आधारभूत ढांचे और सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम भारत की आत्मा और सनातन के गौरव हैं और वे मर्यादा के प्रतीक, सत्य के संवाहक, धर्म के रक्षक और सेवा के सर्वाेच्च आदर्श हैं। श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि चरित्र, कर्तव्य और करुणा का स्थान पद एवं प्रतिष्ठा से सदैव ऊंचा है। उन्होंने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रामनवमी का पावन पर्व और संत राजाराम जी महाराज का जन्मोत्सव एक ही दिन होना आध्यात्मिक परंपरा का अद्भुत संगम है। प्रभु श्रीराम के आदर्शों को संत राजाराम जी महाराज ने जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य किया। वे एक तपस्वी ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक भी थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाल विवाह उन्मूलन और बालिका शिक्षा के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बालिकाओं का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौ संरक्षण के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ कार्य किया जा रहा है। गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रदेश की गौशालाओं को तीन हजार 400 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान वितरित किया गया है। एक लाख 37 हजार से अधिक निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आवासित किया गया है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों को सांस्कृतिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। राजकीय मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों के लिए 25 करोड़ 38 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गसी है। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्री योजना के माध्यम से अब तक 86 हजार से अधिक बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा करवाई जा चुकी है।

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