जोधपुर , मई 22 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने देश के रेल नेटवर्क को परिवहन के साधन से ऊपर उठाकर 'राष्ट्र की जीवन रेखा' बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को देते हुए कहा है कि इस कारण मारवाड़-जैसलमेर की रेल अवसंरचना बदली हैं।
श्री शेखावत शुक्रवार को यहां जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार एवं अन्य रेल सेवाओं का शुभारंभ अवसर पर अपने उद्बोधन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि श्री मोदी के डिजिटल, सुरक्षित और आधुनिक भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मारवाड़ और पश्चिमी राजस्थान की रेल अवसंरचना को करोड़ों रुपये की नयी विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात मिली है।
उन्होंने कहा कि पहले भारतीय रेल की लेट-लतीफी और अव्यवस्थाओं को नियति मान लिया गया था। लोग विदेशों की आधुनिक ट्रेनों की तारीफ करते थे, लेकिन पिछले 12 वर्षों में श्री मोदी ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया। आज उनके नेतृत्व और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रयासों का ही परिणाम है कि अमेरिका, जापान, फ्रांस और स्विट्जरलैंड में चलने वाली ट्रेनों की क्वालिटी, स्पीड और स्टैंडर्ड की 'वंदे भारत एक्सप्रेस' आज हमारे जोधपुर में दौड़ रही है। प्रधानमंत्री के 'मेक इन इंडिया' और 'सुरक्षित भारत' अभियान का जिक्र करते हुए श्री शेखावत ने स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली 'कवच' की सफलता का श्रेय सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दिया।
उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक तकनीक की बदौलत किसी भी मानवीय भूल या तकनीकी खराबी के बावजूद दो ट्रेनें आपस में नहीं टकरा सकतीं। प्रतिदिन यात्रा करने वाले दो करोड़ से अधिक देशवासियों को यह अद्वितीय सुरक्षा कवच श्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन के कारण ही मिल सका है।
उन्होंने कहा कि जोधपुर से संचालित हो रही वंदे भारत ट्रेन की अभूतपूर्व सफलता और यात्रियों के भारी दबाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री के निर्देश पर इसकी क्षमता को आठ डिब्बों से बढ़ाकर सीधे 20 डिब्बे (विस्तारित रैक) किया जा रहा है। जोधपुर के 'भगत की कोठी' स्टेशन को प्रधानमंत्री के स्टेशन पुनर्विकास योजना के तहत एक विशाल आधुनिक टर्मिनस के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे दक्षिण भारत के बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे जैसे महानगरों के लिए नयी ट्रेनों और सीधी कनेक्टिविटी का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे मारवाड़ के प्रवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश के चुनिंदा और विशेष रेल केंद्रों में जोधपुर को भी शामिल किया गया है, जहां नयी पीढ़ी के ट्रेनों के रख-रखाव का बड़ा हब शुरू किया गया है।
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