जालंधर , जनवरी 31 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पंजाब दौरे से एक दिन पहले, अलगाववादी तत्वों द्वारा जालंधर सहित चंडीगढ़ और हरियाणा के 30 से अधिक स्कूलों और हरियाणा सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गयी हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, महान संत और समाज सुधारक गुरु रविदास की 649वीं जयंती के अवसर पर रविवार को पंजाब का दौरा करेंगे और वहां आदमपुर हवाई अड्डे का नामकरण 'श्री गुरु रविदास जी हवाई अड्डा, आदमपुर' करने के साथ ही राज्य को नागरिक उड्डयन बुनियादी ढांचे की सौगात देंगे। शनिवार को मीडिया को मिली ई-मेल में जालंधर के तीन से चार स्कूलों में बम धमाके की धमकी दी गयी है। ई-मेल में लिखा गया है, " मोदी के दौरे को लेकर बम ब्लास्ट होगा। मेल को 'बिली हाल' के नाम से भेजा गया। अंदर लिखा- आज 3-4 स्कूलों में बम धमाका होगा। हम गुरु रविदास जी की फुल रिस्पेक्ट करते हैं। लेकिन मोदी खालिस्तान वालों का दुश्मन है। खालिस्तानियों का बाबा निरंजन दास के साथ कोई गिला-शिकवा नहीं है। मसला मोदी का है। निज्जर की मौत का जिम्मेदार कौन है.बदला.बदला.बदला। निशाने पर डेरा बल्लां।"जालंधर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि स्कूलों को मिली धमकी की जांच की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों सक्रिय हो गयीं और जांच अभियान चलाया। धमकी भरी ई-मेल को एक फर्जी बताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस उपाधीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ वह स्वयं स्कूल में जाकर जांच कर रहे हैं। आज गुरु रविदास महाराज की जयंती पर शोभायात्रा के चलते जालंधर के स्कूलों में छुट्टी है।

चंडीगढ़ में लगभग 30 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गयी हैं। इस घटनाक्रम के बाद पंजाब एवं हरियाणा सचिवालय को भी उड़ाने की धमकी मिल चुकी है जिससे स्थिति और गंभीर हो गयी है। साइबर माध्यम से मिल रही धमकियों को देखते हुए चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (सीसीपीसीआर) ने स्कूलों के लिए एक अहम परामर्श जारी किया है। परामर्श में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए स्कूल परिसरों में सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिये गये हैं।

सीसीपीसीआर ने स्पष्ट किया है कि बिना पहचान और सत्यापन किसी भी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश न दिया जाये। साथ ही किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की तुरंत जांच कर संबंधित एजेंसियों को सूचित किया जाये। आयोग ने विशेष रूप से वार्षिक कार्यक्रमों समारोहों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों के दौरान मेटल डिटेक्टर और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की सिफारिश की है। इसके अलावा साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूलों को किसी भी धमकी भरे ई-मेल फिशिंग लिंक या विशिंग कॉल की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और साइबर क्राइम पुलिस थाने को देने के निर्देश दिये गये हैं।

परामर्श में स्कूल प्रबंधन शिक्षकों और सुरक्षा कर्मियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि आपातकालीन स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

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