रायपुर , सितंबर 17 -- छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में सरकारी स्तर पर कथित भागीदारी को लेकर गुरुवार को सवाल उठाते हुए महंगाई, बेरोजगारी, बिजली दरों में वृद्धि और रोजगार के मुद्दे पर केंद्र एवं राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को घेरा।

रायपुर जिला कांग्रेस की ओर से गांधी मैदान स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू और कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री के जन्मदिन को 'महंगाई-बेरोजगारी दिवस' के रूप में मनाकर जनता के बीच इन मुद्दों को उठाएगी।

श्री साहू ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन सरकार के स्तर पर मनाया जा रहा है और देश में पहली बार इस तरह सरकारी स्तर पर प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाने की नई परंपरा शुरू की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों तक प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाने के लिए कार्यक्रम किए जा रहे हैं और इसके लिए शासकीय स्तर पर आदेश भी जारी किए जा रहे हैं।

उन्होंने सरकार से सवाल किया कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाने के लिए शासन स्तर पर फैसले लिए गए हैं या नहीं। यदि सरकारी स्तर पर आयोजन हो रहे हैं तो इनके लिए बजट में क्या प्रावधान किया गया है और क्या सरकारी धन से इन कार्यक्रमों का खर्च किया जा रहा है, इसे स्पष्ट किया जाना चाहिए।

श्री साहू ने महंगाई, बेरोजगारी और बिजली दरों में वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिजली की बढ़ी दरों से आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। उन्होंने स्मार्ट मीटर को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि गरीब परिवारों के लिए बिजली का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब गरीब अपने घर को रोशन करने की चिंता कर रहा है, ऐसे समय प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीये जलाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित परंपरा नहीं मानती। कांग्रेस 17 सितंबर को 'महंगाई-बेरोजगारी दिवस' के रूप में मनाएगी और महंगाई, बेरोजगारी तथा रोजगार के मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी।

कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने श्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने और भाजपा के 'सेवा संकल्प' कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी महापुरुष या सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्ति के जन्मदिन का अपना महत्व होता है लेकिन प्रधानमंत्री के जन्मदिन के आयोजन में सरकार की भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

श्री शुक्ला ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में बेरोजगारी और महंगाई बढ़ी है तथा नोटबंदी के कारण आम आदमी को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सेवा का संकल्प ले रही है तो पहले जनता की समस्याओं पर काम किया जाना चाहिए।

उन्होंने उद्योग और रोजगार का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि श्री मोदी के कार्यकाल में देश में कोई नया सार्वजनिक उपक्रम स्थापित नहीं किया गया और उद्योगपतियों को एकाधिकार देने की दिशा में काम हुआ। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न विभागों में करीब एक लाख पद खाली हैं, जबकि करीब 37 हजार पदों पर भर्ती हुई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया भी अभी शुरू नहीं हुई है।

श्री शुक्ला ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर प्रदेश में 36 लाख 'आशीर्वाद के दीये' जलाने के कार्यक्रम पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब आम लोगों को सोना नहीं खरीदने और विदेश यात्रा से बचने जैसी सलाह दी जाती है, तब प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर करोड़ों रुपये खर्च कर लाखों लीटर तेल जलाने की जरूरत क्यों है।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन आयोजनों में होने वाला खर्च किस मद से किया जा रहा है और इसके लिए क्या वित्तीय प्रावधान किया गया है।

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