सहारनपुर , मई 13 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आमजन से बगैर जरुरत एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील के बाद सर्राफा कारोबार और आभूषण निर्माण से जुड़े कारीगरों में रोजगार को लेकर चिंता बढ़ गई है। कारोबारियों और कारीगरों का कहना है कि यदि सोने की खरीद घटती है तो इससे लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो सकता है। सर्राफा कारोबार से जुड़े ज्वैलर्स राम ने बताया कि सोने के आभूषण तैयार करने वाले कारीगर पूरी तरह इस उद्योग पर निर्भर हैं। यदि लोग सोना खरीदना बंद कर देंगे तो ज्वैलर्स को नए आभूषणों के ऑर्डर नहीं मिलेंगे और कारीगरों को काम नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि काम बंद होने से मजदूरी नहीं मिलेगी और बड़ी संख्या में कारीगर बेरोजगार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सोने की बिक्री प्रभावित होने पर ज्वैलरी दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन पर भी असर पड़ेगा, जिससे बेरोजगारी और बढ़ सकती है। सहारनपुर सर्राफा कारोबार के आंदोलनों से जुड़े राकेश गुप्ता ने कहा कि अधिकांश कारोबारियों ने अपनी पूंजी और कमाई इसी व्यवसाय में निवेश की हुई है। यदि सोने की बिक्री नहीं होगी तो कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा। उन्होंने सरकार से इस स्थिति का समाधान बताने की मांग की।

सर्राफा पंचायत सदस्य विपिन अग्रवाल ने कहा कि पहले से ही सराफा बाजार में लगभग 80 प्रतिशत काम प्रभावित है। सोने की कीमतें इतनी अधिक हो चुकी हैं कि आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं। उन्होंने कहा कि कारोबार मंदा होने के कारण कर्मचारियों का वेतन देना भी मुश्किल हो रहा है।

वहीं उत्तर प्रदेश उद्योग एवं व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष शीतल टंडन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशहित में लोगों से अनावश्यक रूप से सोना न खरीदने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल आवश्यकता होने पर ही सोना खरीदने तथा केवल लॉकर में रखने के उद्देश्य से सोना न खरीदने की बात कही है।

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