कोलकाता , मार्च 14 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिगेड परेड ग्राउंड्स में प्रस्तावित रैली से पहले शनिवार को उत्तर कोलकाता के गिरीश पार्क इलाके में उस समय तनाव की स्थिति निर्मित हो गई जब पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा के आवास के पास कथित तौर पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना में कई खिड़कियों के शीशे टूट गए और दोनों दलों के कुछ कार्यकर्ता घायल हो गए। इस दौरान पुलिस भी स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रही। तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भाजपा समर्थक ब्रिगेड परेड ग्राउंड्स में होने वाली रैली के लिए जा रहे थे और उसी दौरान उन्होंने मंत्री शशि पांजा के घर पर पत्थर फेंके। मंत्री ने भी दावा किया कि हमले के दौरान उनके घर की खिड़कियों के शीशे टूट गए।

सुश्री पांजा ने आरोप लगाया कि "भाजपा के गुंडों" ने इस घटना को अंजाम दिया और कहा कि रैली में जा रही बसों में ईंटें, कांच की बोतलें और बम तक ले जाए जा रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रैली के लिए बाहर से लोगों को लाया गया था।

घटनाक्रम को विस्तार से बताते हुए सुश्री पांजा ने कहा कि उनके घर के आसपास "बॉयकाट भाजपा" के पोस्टर लगाए गए थे। वहां से गुजर रही बसों से भाजपा कार्यकर्ता उतरे, पोस्टर फाड़ दिए और चले गए। जब तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता दोबारा पोस्टर लगाने लगे, तो भाजपा समर्थक लौट आए और उनके साथ मारपीट की। इसी झड़प के दौरान उनके घर पर पत्थर फेंके गए। उन्होंने कहा, "वे हत्या भी कर सकते हैं। वे गुंडे हैं। लोकतंत्र की हत्या हो चुकी है। उनकी हिम्मत देखिए।"भाजपा ने हालांकि इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पार्टी का कहना है कि जब उनकी बसें रैली के लिए गिरीश पार्क से गुजर रही थीं, तब तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन पर ईंटें फेंकी। इस हमले में उनके कई कार्यकर्ता घायल हुए, जिनमें उत्तर कोलकाता जिला अध्यक्ष तमोघ्ना घोष भी शामिल हैं, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि रैली के लिए जा रही उनकी बसों में तोड़फोड़ की गई और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

इस झड़प में बउबाजार थाने के प्रभारी बप्पादित्य नस्कर के भी घायल होने की खबर है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गिरीश पार्क इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि आगे किसी तरह की हिंसा या तनाव की स्थिति न बने।

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