ईटानगर , मई 14 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशी मुद्रा बचाने को लेकर की गयी अपील के मद्देनजर अरुणाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने गुरुवार को राज्य के सभी विभागों और सरकारी संस्थानों में लागू किए जाने वाले खर्च में कटौती के उपायों की एक विस्तृत सूची की घोषणा की।
मंत्रिमंडल ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य सार्वजनिक संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा देना, अनावश्यक खर्च को कम करना, स्थिरता को प्रोत्साहित करना और प्रशासनिक जवाबदेही को मज़बूत करना है। नये निर्देशों के तहत मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों की सभी विदेश यात्राओं को अगले एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया है, सिवाय उन असाधारण या अपरिहार्य परिस्थितियों के जिन्हें सक्षम प्राधिकारी द्वारा मंज़ूरी दी गयी हो।
राज्य सरकार ने ईंधन की खपत और सार्वजनिक खर्च को कम करने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों के काफिलों में 50 प्रतिशत की कटौती का भी आदेश दिया है।
एक बड़े प्रशासनिक सुधार की पहल के तहत मत्रिमंडल ने सरकारी बैठकों के लिए "वर्चुअल फर्स्ट" नीति अपनायी है। इसके तहत विभागों को प्रोत्साहित किया गया है कि वे यात्रा से जुड़े खर्चों को कम करने के लिए जहाँ भी संभव हो, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल संचार को प्राथमिकता दें। यात्रा प्रबंधन को किफायती बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अनिवार्य सरकारी दौरों के लिए टिकट कम से कम 15 दिन पहले बुक करें, जबकि 'छुट्टी यात्रा रियायत' (एलटीसी) यात्राओं के लिए टिकट 45 दिन पहले बुक किए जाने चाहिए।
मंत्रिमंडल ने यह भी संकल्प लिया कि मार्च 2027 तक सभी अधीनस्थ कार्यालयों, क्षेत्रीय कार्यालयों और उप विभागीय अधिकारी के (एसडीओ) के मुख्यालयों में 'ई-ऑफिस' और 'पेपरलेस डेस्क' प्रणालियों को 100 प्रतिशत लागू किया जाएगा। इस कदम से कागज़ की खपत में कमी आने और प्रशासनिक कार्यक्षमता में सुधार होने की उम्मीद है। सरकार ने ईंधन बचाने और पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार तौर-तरीकों को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों के साथ-साथ स्कूल और कॉलेज के छात्रों के बीच 'कारपूलिंग' और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग को भी प्रोत्साहित किया है। खर्च में कटौती संबंधी दिशानिर्देशों के तहत आपातकालीन सेवाओं के लिए आवश्यक वाहनों को छोड़कर नये सरकारी वाहनों की खरीद पर रोक लगा दी गयी है।
इसके अतिरिक्त, सभी सरकारी कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे बिजली की खपत को अनुकूलित करने के लिए एयर-कंडीशनर का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बनाए रखें। कैबिनेट ने पर्यावरण-स्थिरता से जुड़े कई उपायों की भी घोषणा की, जिनमें सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और कैंटीनों में खाने के तेल का न्यूनतम उपयोग करने को प्रोत्साहित करना तथा कृषि और बागवानी क्षेत्रों में प्रमाणित जैविक खेती के तरीकों को बढ़ावा देना शामिल है।
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