सहारनपुर , मई 15 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोने-चांदी और प्लेटिनम के आभूषणों की खरीद सीमित रखने की अपील तथा बहुमूल्य धातुओं पर आयात शुल्क में वृद्धि के बाद सहारनपुर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सर्राफा बाजारों में कारोबार प्रभावित होने लगा है। कारोबारियों का कहना है कि पिछले तीन दिनों में ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है, जिससे व्यापार से जुड़े लोगों के सामने आर्थिक संकट की आशंका गहरा गई है।
सहारनपुर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख सर्राफा बाजार माना जाता है। यहां स्थानीय ग्राहकों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग आभूषण खरीदने पहुंचते हैं। अकेले सहारनपुर नगर में करीब ढाई सौ से तीन सौ सर्राफा प्रतिष्ठान संचालित हैं।
कारोबारियों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा सोने-चांदी और प्लेटिनम पर आयात शुल्क में नौ प्रतिशत की वृद्धि किए जाने के बाद कुल आयात शुल्क बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है, जबकि गहनों पर पहले से तीन प्रतिशत जीएसटी लागू है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने पर करों का बोझ लगभग दोगुना होकर करीब 27 हजार रुपये तक पहुंच गया है, जो पहले लगभग 13,500 रुपये था।
सहारनपुर के प्रमुख सर्राफा कारोबारी राम राजीव सिंघल, नमोकार ज्वैलर्स के बृजेश जैन तथा सचिन जैन ने बताया कि पिछले तीन दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल आया है। उनके अनुसार सोने के दाम में आठ से नौ हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तथा चांदी में 20 से 21 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक की तेजी दर्ज की गई है।
देवबंद के मेन बाजार स्थित राजीका ज्वैलर्स के विवेक गोयल ने बताया कि फिलहाल बिक्री में 15 से 20 प्रतिशत तक गिरावट देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि आगामी शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में बाजार की वास्तविक स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश संगठन मंत्री राम राजीव सिंघल ने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो इस कारोबार से जुड़े हजारों कारीगरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि दुकानदारों को अपने कर्मचारियों की छंटनी तक करनी पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि बैंक ऋण और लिमिट की किश्तों का दबाव भी कारोबारियों की चिंता बढ़ा रहा है। सर्राफा कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि मौजूदा हालात में पूरे व्यापार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं और फिलहाल राहत की कोई संभावना दिखाई नहीं दे रही है।
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