मेरठ , फरवरी 16 -- तेज़ रफ्तार सपनों को पंख देने वाली देश की पहली रैपिड रेल परियोजना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को इसके तीसरे और आखिरी चरण का लोकार्पण करेंगे। यह सिर्फ एक परियोजना का उद्घाटन नहीं बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बदलते यातायात मानचित्र की नई इबारत है।
इस महत्वाकांक्षी योजना की नींव 8 मार्च 2019 को गाजियाबाद में प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई थी। उसके बाद 20 अक्टूबर 2023 को दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के अंतर्गत साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक 17 किलोमीटर लंबे पहले चरण का शुभारंभ भी प्रधानमंत्री ने किया। अब वही सफर अपनी पूर्णता की ओर बढ़ रहा है।
22 फरवरी को प्रधानमंत्री 'नमो भारत' रैपिड रेल के शेष खंड को जनता को समर्पित करेंगे। इसी कॉरिडोर पर संचालित होने वाली मेरठ मेट्रो को भी हरी झंडी दिखाकर नई रफ्तार देंगे। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम कार्यक्रम पर औपचारिक मुहर लगनी बाकी है लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों ने पूरी गति पकड़ ली है।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री के साथ केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और स्कूली बच्चे भी मौजूद रहेंगे। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री बच्चों से संवाद करेंगे, एक ऐसा पल, जो भविष्य की पीढ़ी को विकास की इस धारा से जोड़ देगा। उद्घाटन के बाद वे मेरठ साउथ स्टेशन से सड़क मार्ग द्वारा मोहिउद्दीनपुर पहुंचकर एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री सुबह 11:25 बजे नई दिल्ली से हेलीकॉप्टर द्वारा शताब्दी नगर स्टेशन के पास बनाए जा रहे हेलीपैड पर उतरेंगे। कार्यक्रम स्थल और जनसभा क्षेत्र के निकट पांच-पांच हेलीपैड तैयार किए जा रहे हैं। 36 एकड़ में आयोजित होने वाली इस सभा में लगभग एक लाख लोगों की उपस्थिति का लक्ष्य रखा गया है। सभा के उपरांत प्रधानमंत्री दोपहर 2:20 बजे दिल्ली लौट जाएंगे।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। मेरठ के जिला मजिस्ट्रेट डॉ. वीके सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार और मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय मीना ने स्टेशनों और सभा स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। साथ ही जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मंच, पार्किंग और हेलीपैड की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई है।
सुरक्षा के लिहाज़ से भी व्यापक रणनीति बनाई गई है। पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की है। कार्यक्रम स्थल के आसपास सघन जांच, अस्थायी बस्तियों और बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन, तथा होटल, धर्मशाला, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं। खुफिया तंत्र भी पूरी तरह सक्रिय है।
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