चेन्नई , मई 28 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से नयी दिल्ली में मुलाकात करने तथा राज्य से जुड़े मुद्दों को उठाने और राशि के आवंटन और बकाया राशि जारी करने की मांग करने एक दिन बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय गुरुवार को दोपहर में चेन्नई लौट आए।

श्री विजय का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के कार्यक्रम था, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पायी। श्री विजय ने श्री शाह से मिलने के लिए समय भी माँगा था लेकिन व्यस्त कार्यक्रम के चलते उन्हें मिलने का समय नहीं दिया गया। मीडिया में ऐसी खबरें आयीं थी कि श्री शाह ने श्री विजय से मिलने से इनकार कर दिया है।

इसके बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मुलाकात के अनुरोध को अस्वीकार नहीं किया गया था। यह मुलाकात इसलिए संभव नहीं हो पायी क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री पहले से ही विभिन्न कार्यक्रमों में व्यस्त थे।

श्री विजय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं से भी मिलने का समय माँगा था। हालाँकि उनका आज इन नेताओं से मिलने का कार्यक्रम था, लेकिन श्री विजय उनसे बिना मिले ही शहर लौट आए।

गौरतलब है कि चुनाव में विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कज़गम (टीवीके) के सबसे बड़ी एकल पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद बहुमत से पीछे रह जाने पर कांग्रेस ही पहली ऐसी पार्टी थी जो उनकी मदद के लिए आगे आई। इस राष्ट्रीय पार्टी ने अपने पुराने सहयोगी द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) से अलग होकर टीवीके के साथ गठबंधन किया और अपने पाँच विधायकों का समर्थन देने का वादा किया।

इनमें से दो विधायकों को बाद में मंत्रिमंडल में भी शामिल किया गया। इस तरह, 59 साल बाद सरकार का हिस्सा बनने का उनका सपना पूरा हो गया। इससे पहले 1967 में कांग्रेस की कामराज/भक्तवत्सलम सरकार सत्ता से बेदखल हो गई थी, जिसके साथ ही इस द्रविड़ क्षेत्र में कांग्रेस के शासन का दौर समाप्त हो गया था। चेन्नई के लिए रवाना होने से पहले तमिलनाडु हाउस में उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया।

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