नयी दिल्ली , मार्च 17 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान से पश्चिम एशिया के हालात और समुद्री सुरक्षा को लेकर फ़ोन पर बात की।
इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को ईद की बधाई दी और पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा हालात पर चर्चा की, जिसमें क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा पर ध्यान दिया गया। श्री मोदी ने एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट में कहा, ''अपने भाई एचएच शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान, यूएई के राष्ट्रपति से बात की और ईद की पहले से बधाई दी।''यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में तनाव बढ़ गया है, जिसमें नागरिक अवसंरचना को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों और बड़े पैमाने पर अस्थिरता की आशंका को लेकर चिंताएं हैं।
श्री मोदी ने कहा कि भारत ''यूएई पर हुए सभी हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिनमें बेगुनाह लोगों की जान गई है और नागरिक अवसंरचना को नुकसान हुआ है।'' दोनों नेताओं ने बिना रुकावट वाले समुद्री व्यापार के प्रवाह को पक्का करने की रणनीति के अहमियत पर भी चर्चा की, खासकर होर्मुज जलमार्ग के ज़रिए, जो दुनिया के सबसे ज़रूरी तेल के संकरे रास्तों में से एक है।
श्री मोदी ने कहा, ''हम होर्मुज जलमार्ग के ज़रिए सुरक्षित और फ्री नेविगेशन पक्का करने की अहमियत पर सहमत हुए।'' उन्होंने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और बाजार की स्थिरता पर साझा चिंताओं पर ज़ोर दिया।
भारत, जो खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा आयात पर बहुत ज़्यादा निर्भर है, ने लगातार पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है। यूएई एक अहम रणनीतिक साझेदार, भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है और इसकी ऊर्जा और प्रवासियों में अहम भूमिका निभाता है।
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