पटना, 31अक्टूबर (वार्ता) बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर में लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिल की जमीन अब औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी में है। बिहार राज्य चीनी निगम की इस बंद इकाई की कुल 266 एकड़ जमीन का औद्योगिक उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य मंत्रिपरिषद ने 115.08 एकड़ जमीन पर चीनी मिल की स्थापना तथा शेष 151.58 एकड़ जमीन को अन्य उद्योगों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी है।
सम्राट चौधरी सरकार के सात निश्चय-3 के तहत 'समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार' के लक्ष्य के अनुरूप उठाए गए इस कदम से मोतीपुर और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। उद्योगों की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध होने से निवेशकों को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो सकेगा।
योजना के तहत 115.08 एकड़ जमीन पर चीनी मिल की स्थापना के लिए औद्योगिक उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, जबकि 151.58 एकड़ जमीन अन्य उद्योगों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग को उपलब्ध कराई गई है। इस व्यवस्था से चीनी उद्योग के विकास के साथ-साथ दूसरे क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
मोतीपुर में उपलब्ध जमीन का सुनियोजित उपयोग क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर नए उद्यमों के लिए आधार तैयार होगा और उद्योगों से जुड़ी सहायक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
मोतीपुर और आसपास का इलाका कृषि प्रधान है। ऐसे में यहां कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स जैसी गतिविधियों के विकास की पर्याप्त संभावनाएं हैं। औद्योगिक प्रयोजन के लिए जमीन उपलब्ध होने से इन क्षेत्रों में निवेश की राह आसान होगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित