शिलांग , अक्टूबर 25 -- मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में राज्य के पारंपरिक मोटा अनाज उत्पादकों और महिला उद्यमियों का उल्लेख करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया है।

श्री संगमा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए मेघालय की समृद्ध बाजरा खेती की परंपरा को पहचान देने और स्थानीय किसानों तथा महिला उद्यमियों के प्रयासों की सराहना करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने वेस्ट गारो हिल्स जिले के साडोलपारा गांव के चेकजिंग संगमा का विशेष उल्लेख करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया, जिन्होंने मोटे अनाज की खेती को फिर से पुनर्जीवित किया है। इसके साथ ही उन्होंने वेस्ट जयंतिया हिल्स के खंडुली गांव की दो महिलाओं डारापबियॉन्ग मुलिए और दाईदलांगकी सुचियांग का जिक्र करने के लिए भी धन्यवाद दिया, जो मोटे अनाज आधारित उत्पादों को बढ़ावा देकर सदियों पुरानी कृषि परंपराओं को सहेज रही हैं।

श्री संगमा ने कहा, "एक सरकार के तौर पर हम अपने किसानों की मदद करने, ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और किसानों की आय दोगुनी करने के साझा लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।"अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वोत्तर में मोटे अनाज की खेती के पुनरुद्धार का जिक्र करते हुए कहा कि स्थानीय कृषि समुदाय मोटे अनाज के मूल्य-वर्धित उत्पाद बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने मेघालय के वेस्ट जयंतिया हिल्स जिले के खंडुली गांव का विशेष रूप से जिक्र किया, जहां मोटे अनाज लंबे समय से स्थानीय खान-पान का अहम हिस्सा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "मोटा अनाज पीढ़ियों से वहां की खान-पान संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है, लेकिन कुछ समय से इसकी खेती करने वाले किसानों की संख्या कम हो रही थी।" इसके बाद उन्होंने बताया कि कैसे खंडुली गांव की दो महिलाओं ने मोटे अनाज से नए-नए उत्पाद बनाने की अनूठी पहल शुरू की।

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