गौतमबुद्धनगर , अप्रैल 07 -- मॉरीशस के छब्बीस सदस्यीय सिविल सेवकों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के जिला गौतमबुद्धनगर का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए प्रशासनिक ढांचे, कार्यशैली और विकास मॉडल की गहन जानकारी प्राप्त की।
मंगलवार को कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी द्वारा मॉरीशस प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
इसके बाद जिलाधिकारी ने जनपद की प्रशासनिक संरचना, शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली और जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन सरकार की नीतियों और योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने की अहम कड़ी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में तीन तहसील-सदर, दादरी और जेवर तथा तीन विकास खंड-बिसरख, दादरी और जेवर संचालित हैं। साथ ही छह नगर निकाय भी कार्यरत हैं। प्रशासनिक ढांचे में डीएम, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल जैसे पदों के माध्यम से बहुस्तरीय व्यवस्था संचालित होती है, जो योजनाओं को प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचाने में सहायक है।
उन्होंने प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों को अपनाने पर जोर देते हुए बताया कि ई-गवर्नेंस और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से सेवाओं को सरल और सुलभ बनाया जा रहा है। जनसुनवाई, ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी ने केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी साझा की। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम पोषण योजना, जल जीवन मिशन, स्वामित्व योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) सहित राज्य सरकार की योजनाओं-शादी अनुदान योजना, अटल आवासीय विद्यालय योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी), मुख्यमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में विस्तार से बताया।
संवाद के दौरान गौतमबुद्ध नगर की विशेष प्रशासनिक व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जनपद में तीन विकास प्राधिकरण कार्यरत हैं, जो विकास कार्यों की देखरेख करते हैं। इसके साथ ही यहां पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है, जिसके अंतर्गत कानून-व्यवस्था के साथ फायर सेफ्टी का कार्य भी शामिल है।
साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी उप निरीक्षक बलजीत सिंह द्वारा प्रस्तुत की गई। उन्होंने साइबर अपराधों की रोकथाम, जनजागरूकता अभियान और तकनीकी उपायों के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित रखने के प्रयासों पर प्रकाश डाला।
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