मुंबई , सितंबर 17 -- मुंबई शहर को पेयजल की आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों में मॉनसून के बाद गुरुवार सुबह 0600 बजे तक जलस्तर 97.55 प्रतिशत था।

भांडुप परिसर में हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सात झीलों में कुल मिलाकर 14,11,942 मिलियन लीटर (एमएल) पानी था, जबकि उनकी कुल काम की भराव क्षमता 14,47,363 एमएल है।

रिपोर्ट के अनुसार हालांकि अभी का जलस्तर पिछले दो सालों में इसी तारीख को रिकॉर्ड किए गए स्तर से थोड़ा कम है। 17 सितंबर, 2025 को कुल जलभराव 14,30,969 एमएल या 98.87 प्रतिशत था, जबकि 2024 में इसी तारीख को यह 14,27,607 एमएल था, जो 98.64 प्रतिशत के बराबर है।

इन सात झीलों में भातसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, तुलसी और विहार शामिल हैं। इन जलाशयों में जमा पानी मुंबई की नगर निगम पानी आपूर्ति की रीढ़ है और नागरिक प्रशासन मानसून के बाद और गर्मियों के महीनों में उपलब्धता का अंदाज़ा लगाने के लिए इनके स्तर पर नियमित नज़र रखता है।

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